{"_id":"577fd9794f1c1b646d7fac98","slug":"municipality-decided-to-extend-the-back-thbajari","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिका ने तहबाजारी बढ़ाने का निर्णय लिया वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिका ने तहबाजारी बढ़ाने का निर्णय लिया वापस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 08 Jul 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आक्रोशित व्यवसायियों ने पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी और अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का घेराव किया। उनका कहना था कि बिना व्यापारियों को विश्वास में लिए ही पालिका की ओर से तहबाजारी शुल्क दस रुपये प्रतिदिन के स्थान पर बीस रुपये प्रतिदिन कर दिया गया। जिससे छोटे व्यवसायियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
काफी देर तक चले हंगामे और व्यवसायियों के दबाव में पालिका प्रशासन झुक गया और उसने तहबाजारी शुल्क पूर्ववत दस रुपये प्रतिदिन रखने का निर्णय लिया। जिसके बाद आक्रोशित व्यापारियों ने प्रदर्शन और घेराव समाप्त किया। पालिकाध्यक्ष का कहना था कि जल्द ही पक्के फड़ों को हटाया जाएगा तथा प्रत्येक व्यवसायियों को अपने खोखे के साथ एक कूड़ादान रखना होगा। दुकान के आसपास कूड़ा पाए जाने पर संबंधित व्यवसायी का पांच सौ रुपये का चालान काटा जाएगा। कुंदन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में जगदीश नाथ, गोविंद बल्लभ खर्कवाल, अंबादत्त जोशी, पवन खर्कवाल सहित तमाम व्यापारी शामिल रहे।
आत्मदाह करने की धमकी आई काम
चंपावत। खोखा फड़ व्यवसायियों के आंदोलन के समर्थन में आए सपा जिलाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट की आत्मदाह की धमकी काम आ गई। दरअसल व्यापारियों के विरोध के बाद भी पालिका प्रशासन तहबाजारी शुल्क की बढ़ोतरी को जायज ठहरा रहा था। लेकिन सपा नेता की ओर से एक दिन की मोहलत देते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी तो पालिका प्रशासन के हाथ पांव फूल गए तथा तहबाजारी शुल्क पूर्ववत रखने का ऐलान किया गया।
काफी देर तक चले हंगामे और व्यवसायियों के दबाव में पालिका प्रशासन झुक गया और उसने तहबाजारी शुल्क पूर्ववत दस रुपये प्रतिदिन रखने का निर्णय लिया। जिसके बाद आक्रोशित व्यापारियों ने प्रदर्शन और घेराव समाप्त किया। पालिकाध्यक्ष का कहना था कि जल्द ही पक्के फड़ों को हटाया जाएगा तथा प्रत्येक व्यवसायियों को अपने खोखे के साथ एक कूड़ादान रखना होगा। दुकान के आसपास कूड़ा पाए जाने पर संबंधित व्यवसायी का पांच सौ रुपये का चालान काटा जाएगा। कुंदन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में जगदीश नाथ, गोविंद बल्लभ खर्कवाल, अंबादत्त जोशी, पवन खर्कवाल सहित तमाम व्यापारी शामिल रहे।
विज्ञापन
आत्मदाह करने की धमकी आई काम
चंपावत। खोखा फड़ व्यवसायियों के आंदोलन के समर्थन में आए सपा जिलाध्यक्ष ललित मोहन भट्ट की आत्मदाह की धमकी काम आ गई। दरअसल व्यापारियों के विरोध के बाद भी पालिका प्रशासन तहबाजारी शुल्क की बढ़ोतरी को जायज ठहरा रहा था। लेकिन सपा नेता की ओर से एक दिन की मोहलत देते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी तो पालिका प्रशासन के हाथ पांव फूल गए तथा तहबाजारी शुल्क पूर्ववत रखने का ऐलान किया गया।
विज्ञापन