फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Mother Purnagiri

इस बार दूर से होंगे मां पूर्णागिरि के दर्शन

Tue, 06 Oct 2015 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 06 Oct 2015 10:04 PM IST
विज्ञापन
Mother Purnagiri

श्रद्धालुओं को इस बार मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन दूर से हो सकेंगे। मां के मंदिर वाली पहाड़ी में दरार बढ़ने के कारण प्रशासन ने यह फैसला लिया है। इस पर मंदिर के पुजारियों ने भी सहमति जताई है। नवरात्र (13 अक्तूबर) से नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।

विज्ञापन


उत्तर भारत से हर साल लाखों श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। अब तक भक्तगण देवी मां के दर्शन एक दो फीट की दूरी से कर लेते थे, लेकिन अब वे 10 फीट दूर से मां के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर के हालात का जायजा लेकर लौटे पूर्णागिरि (टनकपुर) के एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि मां पूर्णागिरि की पहाड़ी की दरार के मद्देनजर पुजारियों से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन


मंदिर से एकदम चिपकी हुई बैरिकेडिंग को मुख्य मंदिर से दस फीट दूर खिसकाया जाएगा। इस दूरी से भी मां और नाभि के दर्शन ठीक से हो सकेंगे। मुख्य मंदिर के पास एक किलोग्राम से अधिक वजन के घंटियां भी हटाई जाएंगी। इस वक्त इस स्थान पर 100 से ज्यादा घंटियां हैं, जिसमें कई 10 किलो से ज्यादा के हैं। एसडीएम ने बताया कि इन घंटियों को काली मंदिर के नीचे शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ रही है चट्टान की दरार
मां पूर्णागिरि धाम की पहाड़ी की चट्टान पर कई जगह तीन से पांच इंच की दरार हैं। अब दो जगह ये दरार बढ़ गई है। तीन वर्ष में ये दरार करीब एक इंच बढ़ गई है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि तीन साल पहले भूगर्भ वैज्ञानिकों ने स्केलिंग करके पहाड़ी में गिलास लगाया था, ताकि विस्तार होने पर गिलास टूट जाए। मुख्य मंदिर के नीचे दो जगह दरार पर फैलाव (गैप) बढ़ रहा है।

मां पूर्णागिरि धाम आस्था का केंद्र होने के साथ ही जिले की धार्मिक पहचान भी है, इसकी सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत प्रभावी कदम उठाया जाना जरूरी है। मंदिर की सुरक्षा के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाले विभागों को समय रहते प्रयास करने होंगे।

-पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, मां पूर्णागिरि मंदिर समिति

मां पूर्णागिरि के मुख्य मंदिर में जगह काफी कम है। साथ ही दरारों से पहाड़ी की संवेदनशीलता भी बढ़ गई है। ऐसे में मंदिर में अधिक वजन खतरे की घंटी है। मां के दर्शन के तुरंत बाद श्रद्धालुओं के आगे बढ़ने की व्यवस्था की जा रही है।
-नरेश दुर्गापाल, एसडीएम, पूर्णागिरि तहसील

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed