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वनों में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटें

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 11:39 PM IST
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Meeting For Forest Fire Controling
Meeting For Forest Fire Controling
चंपावत। जिला वनाग्नि प्रबंधन समिति की बैठक में डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि वन क्षेत्रों में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। कहा कि वनाग्नि की घटनाएं न हो इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से गश्त करते रहें और आग लगाने वालों की रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम में योगदान देने वाले लोगों को पुरस्कृत भी करें।
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डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वनों में आग लगने के मुख्य तीन कारण होते हैं। प्राकृतिक, जनसामान्य की लापरवाही और जानबूझकर आग लगाना। इसमें से स्थानीय निवासियों की ओर से नई घास प्राप्ति के लोभ में जानबूझकर आग लगाई जाती है। गांव के समीपवर्ती वन क्षेत्रों से हिंसक वन्यजीवों को भगाने के लिए भी जानबूझकर स्थानीय लोग जंगलों में आग लगा देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभाग के तहत गठित कुल 80 घटनाओं में से आरक्षित वन में घटित 69 घटनाओं में से भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 के तहत जुर्म जुर्माना केस विभागीय रूप से दर्ज किए गए हैं। भिंगराड़ा रेंज के तहत एक घटना में रीठासाहिब थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जिले में कुल 55 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं, जिसमें 24 घंटे फायर वाचर रहते हैं। इसमें सबसे ज्यादा 17 क्रू स्टेशन बूम रेंज में बनाए गए हैं।
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