{"_id":"587baf214f1c1b3803efe477","slug":"master-trainers-discussed-the-nuances-of-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"मास्टर ट्रेनरों को चुनाव की बारीकियां बताई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मास्टर ट्रेनरों को चुनाव की बारीकियां बताई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 15 Jan 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
चंपावत कलक्ट्रेट में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देतें नोडल अधिकारी हरगोविंद भट्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव संचालन के लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। मतदान प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी हरगोविंद भट्ट ने रविवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के ट्रेनरों को बैलेट यूनिट और इसके विभिन्न हिस्सों की बारीक जानकारी दी। रेडी लैंप, स्लाइड स्विच विंडो, प्रत्याशी बटन, लैंप बैलेट पेपर स्क्रीन आदि सहित इंटरकनेक्ट कंट्रोल यूनिट के विभिन्न भागों पॉवर ऑन लैंप डिसप्ले सेक्शन, बिजी लैंप प्रत्याशी सेट सेक्शन, परिणाम सेक्शन, बैलेट सेक्शन, बटन कंपार्टमेंट कवर व अन्य जरूरी तकनीकी बिंदुओं का प्रशिक्षण दिया गया।
मास्टर ट्रेनरों से मॉक पोल, गोपनीयता बनाए रखने को दी जाने वाली चेतावनी, चैलेंज वोट, टेंडर वोट, वृद्ध व नि:शक्त वोटरों को दी जाने वाली सुविधाएं, मतदान रजिस्टर, वोटिंग शुरू होने की घोषणा व समाप्त होने की घोषणा, स्याही लगाने के नियम सहित सभी जरूरी बिंदुओं का प्रशिक्षण ट्रेनरों को देने को कहा गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने विधानसभा चुनाव के निष्पक्ष, पारदर्शी रूप से कराने के लिए मास्टर ट्रेनरों को पूरी तैयारी के साथ स्वयं प्रशिक्षण लेने के बाद ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। कहा कि मतदान पीठासीन अधिकारियों, सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट आदि को उनकी जिम्मेदारियां सीधे-सरल तरीके से समझाएं। बैठक में मुख्य प्रशिक्षक राजेश कुमार, कमलेश कुमार, महेश चंद्र, नितिन शास्त्री, कमल सिंह आदि थे।
विज्ञापन
सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी दें राजनीतिक दल
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने प्रत्याशी या सियासी दल को सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए जिला या राज्य स्तरीय मीडिया अनुश्रवण मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) को सोशल मीडिया अकाउंट्स और अकाउंट्स को चलाने में होने वाले खर्च का ब्यौरा देने के निर्देश दिए।
कहा कि किसी भी पेज या एकाउंट को स्पोंसर करते समय उस पर हो रहे खर्च की सूचना व भुगतान की प्रक्रिया का विवरण समिति को उपलब्ध कराना होगा। सोशल मीडिया पर विज्ञापन के रूप में सामग्री देने पर भी पूर्व में अनुमति जरूरी होगी। निर्देशों के उल्लंघन पर आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
इसी तरह व्हॉट्सएप पर भी विज्ञापन देने से पूर्व एमसीएमसी की मंजूरी लेनी होगी। फेसबुक, ट्विटर पर लाइव के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी। मगर लाइव कार्यक्रम के जरिए आदर्श आचार संहिता का पालन किया जाना जरूरी होगा। लाइव कार्यक्रम को वीडियो रिकार्ड के जरिए प्रचार के लिए अनुमति लेनी होगी। राजनीतिक दलों से अपने अकाउंट्स की पूरी सूचना एमसीएमसी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मास्टर ट्रेनरों से मॉक पोल, गोपनीयता बनाए रखने को दी जाने वाली चेतावनी, चैलेंज वोट, टेंडर वोट, वृद्ध व नि:शक्त वोटरों को दी जाने वाली सुविधाएं, मतदान रजिस्टर, वोटिंग शुरू होने की घोषणा व समाप्त होने की घोषणा, स्याही लगाने के नियम सहित सभी जरूरी बिंदुओं का प्रशिक्षण ट्रेनरों को देने को कहा गया।
विज्ञापन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने विधानसभा चुनाव के निष्पक्ष, पारदर्शी रूप से कराने के लिए मास्टर ट्रेनरों को पूरी तैयारी के साथ स्वयं प्रशिक्षण लेने के बाद ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। कहा कि मतदान पीठासीन अधिकारियों, सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट आदि को उनकी जिम्मेदारियां सीधे-सरल तरीके से समझाएं। बैठक में मुख्य प्रशिक्षक राजेश कुमार, कमलेश कुमार, महेश चंद्र, नितिन शास्त्री, कमल सिंह आदि थे।
विज्ञापन
सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी दें राजनीतिक दल
उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने प्रत्याशी या सियासी दल को सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए जिला या राज्य स्तरीय मीडिया अनुश्रवण मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) को सोशल मीडिया अकाउंट्स और अकाउंट्स को चलाने में होने वाले खर्च का ब्यौरा देने के निर्देश दिए।
कहा कि किसी भी पेज या एकाउंट को स्पोंसर करते समय उस पर हो रहे खर्च की सूचना व भुगतान की प्रक्रिया का विवरण समिति को उपलब्ध कराना होगा। सोशल मीडिया पर विज्ञापन के रूप में सामग्री देने पर भी पूर्व में अनुमति जरूरी होगी। निर्देशों के उल्लंघन पर आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
इसी तरह व्हॉट्सएप पर भी विज्ञापन देने से पूर्व एमसीएमसी की मंजूरी लेनी होगी। फेसबुक, ट्विटर पर लाइव के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी। मगर लाइव कार्यक्रम के जरिए आदर्श आचार संहिता का पालन किया जाना जरूरी होगा। लाइव कार्यक्रम को वीडियो रिकार्ड के जरिए प्रचार के लिए अनुमति लेनी होगी। राजनीतिक दलों से अपने अकाउंट्स की पूरी सूचना एमसीएमसी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।