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माल्टा और नींबू उत्पादकों की बहार, मिलेगी एमएसपी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 09 Dec 2015 10:19 PM IST
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चंपावत जिला सिटरस (नींबू, संतरा, माल्टा और गलगल) फलों की पैदावार के लिए मुफीद रहा है। यहां इन फलों का खूब उत्पादन होता है, लेकिन माल्टा के उत्पादकों को अब तक कोई भाव नहीं मिलता था, मगर पहली बार उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा। सरकार ने एमएसपी का एलान किया है।
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जिला उद्यान अधिकारी एचसी तिवारी ने बताया कि माल्टा तथा गलगल (बड़ा नींबू) का प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है। माल्टा के ए ग्रेड को 1600 रुपये प्रति क्विंटल, बी ग्रेड को 1300 रुपये और सी ग्रेड को 700 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी निर्धारित की गई है। इसी तरह गलगल के तीनों ग्रेडों के समर्थन मूल्य क्रमश: 800, 600 और 400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। माल्टा ए ग्रेड में 85 मिलीमीटर, बी में 70 और सी में 70 एमएम से कम, जबकि गलगल में ए ग्रेड 90 एमएम, बी 75 और सी 75 एमएम से कम का है। इसके लिए चंपावत, लोहाघाट और देवीधुरा में विपणन केंद्र बनाए गए हैं।
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सिटरस फलों में जिले में सबसे अधिक खेती माल्टा की होती है। कुल 2226 हेक्टेयर सिटरस खेती में 1025 हेक्टेयर माल्टा होता है, जबकि गलगल की खेती का रकवा 406 हेक्टेयर है। पिछले साल जिले में 2110 मीट्रिक टन माल्टा और 1041 एमटी गलगल का उत्पादन हुआ था।
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