फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Locks in the hostel, the students are staying on rent

छात्रावास में ताले, किराए पर रह रही हैं छात्राएं

Tue, 18 Oct 2016 10:47 PM IST
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत) Updated Tue, 18 Oct 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
Locks in the hostel, the students are staying on rent
छात्रावास में ताले, किराए पर रह रही हैं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

राजकीय पीजी कॉलेज में छात्राओं के लिए आवास तो बने हैं, पर उनके रहने के काम नहीं आए। दूरदराज की छात्राओं को महंगे किराए में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। 15 साल पहले बने छात्रावास में ताले लटके हैं। यहां कभी भी छात्रावास अधीक्षक (वार्डन) की तैनाती नहीं हुई। वार्डन की नियुक्ति क्यों नहीं हुई, इसकी कोई वजह कॉलेज प्रशासन बता नहीं पा रहा है। ऐसे में सवाल यह कि जब वार्डन ही न हो, तो छात्रावास के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी कैसे शुरू हो।

विज्ञापन


लोहाघाट पीजी कॉलेज सबसे पुराना पीजी कॉलेज में से एक है। 1978 में स्थापित जिले का यह अकेला कॉलेज है, जहां बीएड संकाय भी है। इस वक्त 1700 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से बाराकोट, पाटी, श्रीरीठा साहिब, गुमदेश आदि के दूरदराज के छात्र-छात्राओं ने भी दाखिला लिया है। दूरदराज की छात्राओं की तादात को देखते हुए यहां छात्राओं के लिए आवासीय व्यवस्था की गई थी। 2001 में लाखों रुपए से कॉलेज परिसर में ही छात्रावास बनाया गया। इसमें 8 कमरों का निर्माण किया गया। पर ये आवास कभी छात्राओं के रहने के काम नहीं लाए जा सके। अलबत्ता कुछ समय यहां कंप्यूटर की कक्षाएं संचालित जरूर हुई। अब यह छात्रावास पूरी तरह वीरान पड़ा है। छात्रावास के बाहर घास, झाड़ियां उग गई है। और तो और छात्रावास में पेयजल की भी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन


छात्रसंघ महासचिव नेहा गड़कोटी का कहना है कि दूरदराज से आने वाली छात्राओं की दिक्कतों को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन से छात्रावास शुरू करने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन इसमें कॉलेज प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उधर, राजकीय पीजी कॉलेज लोहाघाट की प्रभारी प्राचार्या डा.ऊषा जोशी का कहना है कि पूर्व में कई बार छात्राओं से आवेदन मांगें गए थे, लेकिन किसी ने भी आवेदन नहीं किया। यदि कोई छात्रा आवेदन करेगी, तो उस पर विचार किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed