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बाराकोट क्षेत्र में आवारा मवेशी छोड़ने से ग्रामीण नाराज
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:30 PM IST
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बाराकोट में आवारा छोडे गए घायल बछडे का उपचार करते पशु चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
बाराकोट क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा गाड़ियों में भरकर गाय, बछड़ों को लावारिस छोड़ने पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मवेशियों को लावारिस छोड़ने वाले लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने घाट पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।
बाराकोट के सामाजिक कार्यकर्ता नगेंद्र कुमार जोशी, प्रकाश सिंह अधिकारी का कहना है कि सोमवार को कुछ लोगों ने वाहनों में लादकर दो बछड़ों को बाराकोट लिंक रोड में छोड़ दिया। दोनों ही बछड़ों के शरीर पर घसीटने के निशान हैं। मौके पर एक बछड़ा मृत मिला जबकि दूसरा दर्द से छटपटाकर जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा था।
उन्होंने घटना की जानकारी एसडीएम आरसी गौतम और लोहाघाट थाने में दी जिसके बाद चिकित्सकों, पुलिस कर्मियों की टीम ने घायल बछड़े का उपचार करने के साथ बछड़ों को आवारा छोड़ने वाले लोगों की ढूंढखोज शुरू कर दी है।
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लोगों का कहना है कि पिथौरागढ़ आदि स्थानों से कैंटरों में गाय बछड़ों को भरकर बाराकोट क्षेत्र के आसपास छोड़ दिया जाता है। सवारी गाड़ियों को तो घाट चौकी कर्मियों द्वारा चेकिंग के नाम पर कई देर तक रुकवा दिया जाता है मगर कैंटर आदि वाहनों में जानवरों को कैसे लाया जा रहा है। एसडीएम का कहना है कि कोई भी व्यक्ति गायों को लावारिस छोड़ते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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बाराकोट के सामाजिक कार्यकर्ता नगेंद्र कुमार जोशी, प्रकाश सिंह अधिकारी का कहना है कि सोमवार को कुछ लोगों ने वाहनों में लादकर दो बछड़ों को बाराकोट लिंक रोड में छोड़ दिया। दोनों ही बछड़ों के शरीर पर घसीटने के निशान हैं। मौके पर एक बछड़ा मृत मिला जबकि दूसरा दर्द से छटपटाकर जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा था।
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उन्होंने घटना की जानकारी एसडीएम आरसी गौतम और लोहाघाट थाने में दी जिसके बाद चिकित्सकों, पुलिस कर्मियों की टीम ने घायल बछड़े का उपचार करने के साथ बछड़ों को आवारा छोड़ने वाले लोगों की ढूंढखोज शुरू कर दी है।
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लोगों का कहना है कि पिथौरागढ़ आदि स्थानों से कैंटरों में गाय बछड़ों को भरकर बाराकोट क्षेत्र के आसपास छोड़ दिया जाता है। सवारी गाड़ियों को तो घाट चौकी कर्मियों द्वारा चेकिंग के नाम पर कई देर तक रुकवा दिया जाता है मगर कैंटर आदि वाहनों में जानवरों को कैसे लाया जा रहा है। एसडीएम का कहना है कि कोई भी व्यक्ति गायों को लावारिस छोड़ते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।