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सूखे टैंक से सूख रही क्वैराली गांव की खेती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 26 Nov 2015 10:44 PM IST
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भिंगराड़ा ग्राम पंचायत के क्वैराली गांव में न एएनएम सेंटर के हाल ठीक हैं और नहीं यहां पहुंचने का रास्ता दुरुस्त है। यह नजारा रात्रि विश्राम कर यहां मुआयना करने वाले जिला सूचना अधिकारी एनएस बिष्ट ने देखा। एएनएम सेंटर की एक तरफ की दीवार गिरने की कगार पर है। सिंचाई की व्यवस्था भी गांव में बदतर है। टैंक में पानी नहीं होने से किसानों को खास लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने दीवार की मरम्मत के साथ सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए ठोस कदम उठाने की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी से की है।
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पाटी विकासखंड के क्वैराला गांव में सभी परिवारों को पेयजल सुविधा भी नहीं मिल रही है। स्वजल ने वर्षों पूर्व पेयजल योजना बनाई थी, लेकिन अब इसके भी हाल ठीक नहीं है। इस पेयजल लाइन को तत्काल दुरुस्त करने की जरूरत बताई गई। मुख्य मार्ग से गांव तक सड़क संयोजकता की मांग भी लोगों ने उठाई। डीआईओ बिष्ट ने शौचालय निर्माण, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा, जीवन सुरक्षा बीमा सहित प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। दौरे में ग्राम प्रधान धर्मा़नंद, गुणानंद भट्ट, रवेंद्र सिंह नेगी, रमेश जोशी आदि साथ थे।
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कर्ज चुकाने को मजदूरी कर रहा बुजुर्ग
भिंगराड़ा ग्राम पंचायत के 70 वर्षीय गुणानंद भट्ट की माली हालत बेहद दयनीय है। दैवी आपदा में उनका मकान क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के बाद भी सरकारी तौर पर मदद नहीं मिली। बुजुर्ग ने बताया कि कर्ज लेकर मकान तो ठीक कराया, लेकिन अब इस कर्ज चुकाने के लिए मुश्किल हो रही है। खेतीबाड़ी और मजदूरी कर पेट पाल रहा है और कर्ज भी चुका रहे हैं।
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