{"_id":"587cfc124f1c1b665fefec04","slug":"in-2014-he-made-a-better-job-ticket-to-ghtodi","type":"story","status":"publish","title_hn":"2014 में बेहतर काम ने दिलाया टिकट गहतोड़ी को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2014 में बेहतर काम ने दिलाया टिकट गहतोड़ी को
चंद्रशेखर जोशी
Updated Mon, 16 Jan 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
कैलाश गहतोड़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विधानसभा चंपावत से भाजपा के प्रत्याशी बने कैलाश गहतोड़ी का भाजपा से करीब दस साल पुराना जुड़ाव और 2014 के चुनाव में जी तोड़ मेहनत काम आई। जातीय समीकरण, मददगार छवि व भरपूर आर्थिक संसाधन भी उनके पक्ष में गए।
चंपावत जिले के पाटी विकासखंड से ताल्लुक रखने वाले गहतोड़ी ने 2012 में हुए विधानसभा चुनाव और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में खासी मेहनत की थी। प्रत्याशियों के लिए किए गए इस योगदान को पार्टी ने माना भी। पार्टी के आंतरिक सर्वे में मिला समर्थन भी उन्हें टिकट दिलाने में मददगार बना।
विज्ञापन
उत्तराखंड विधानसभा के लिए हुए पहले चुनाव में वे निर्दलीय लड़े। पिछले लोकसभा चुनाव में भी गहतोड़ी ने अल्मोड़ा व नैनीताल सीटों में हर तरह से योगदान किया। इसके बाद 2014 में हुए चंपावत ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भाजपा को सीट दिलाने में उनकी खास भूमिका रही। कम समय में किए गए कार्यो का प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने पुरस्कार दिया।
विज्ञापन
प्रोफाइल
2002 में लोहाघाट विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा व पांचवें नंबर पर रहे।
2003 में पाटी विकासखंड से जिला पंचायत सदस्य चुने गए।
2007 में भाजपा में शामिल हुए।
2008 में काशीपुर में कारोबार शुरू किया।
2012 : गरीब कन्याओं के विवाह में मदद, बीमारों का इलाज और चंपावत विकासखंड के 300 से ज्यादा स्कूलों के छात्र-छात्राओं को कॉपियां, औजार बॉक्स आदि वितरित किया।
लोहाघाट सीट: सीटिंग विधायक फर्त्याल पर जताया भरोसा
चंपावत। लोहाघाट विधानसभा सीट से भाजपा ने एक बार फिर सीटिंग विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को दावेदार बनाकर उनकी क्षमता पर एतबार किया है। पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य महेंद्र सिंह माहरा को भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
पहले चुनाव में दोनों थे आमने-सामने
चंपावत। सोमवार शाम को घोषित भाजपा के दोनों प्रत्याशी पूर्व में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। उत्तराखंड विधानसभा के लिए 2002 में हुए पहले चुनाव में दोनों उम्मीदवार लोहाघाट सीट से आमने-सामने थे। तब पूरन सिंह फर्त्याल बसपा के टिकट से मैदान में थे। कैलाश गहतोड़ी निर्दलीय चुनाव लड़े थे। तब 13 प्रत्याशियों में फर्त्याल को चौथा (3432 वोट) और गहतोड़ी को पांचवां (2767 वोट) स्थान मिला था। दोनों उम्मीदवार 2003 में चंपावत जिला पंचायत के सदस्य भी रह चुके हैं।