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रंगों के पर्व पर चहुं ओर बरसा अबीर-गुलाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2022 11:09 PM IST
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Holi in Kumaun Champawat
होली का उल्लास: होली पर्व पर जश्न मनाते एसएसबी के कर्मी और अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत/लोहाघाट/पाटी/टनकपुर। चाराल क्षेत्र में दोपहर तक होली गीतों को गाने का सिलसिला जारी रहा। छतार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिरोमणि चिलकोटी पार्क में खड़ी होली का गायन हुआ। छतार, मांदली, त्यारकूड़ा, डुंगरासेठी, खर्ककार्की, मुडिय़ानी, फुलारगांव, सिमल्टा, कलक्ट्रेट रोड आदि क्षेत्रों में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पूल्ड आवास में शुक्रवार को हुए होली मिलन कार्यक्रम में डीएम विनीत तोमर, एसपी देवेंद्र पींचा, एडीएम एचसी द्विवेदी, एसडीएम अनिल चन्याल, सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल सहित तमाम अधिकारी शामिल थे। पाटी, लोहाघाट और बाराकोट में भी होली की धूम रही। एसओ जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि होली पर्व शांतिपूर्वक ढंग से मनी।
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अर्द्धसुरक्षा बल के जवान भी होली के रंग में रंगे
चंपावत/लोहाघाट। चंपावत में एसएसबी की पंचम वाहिनी के जवानों ने उल्लास के साथ होली खेली। कमांडेंट प्रमोद देवरानी, द्वितीय कमांडेंट हरीश चंद्र जोशी, संतोष पंडित, डॉ. घनश्याम पटेल, अनुराधा सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग लगाया। लोहाघाट में आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। बिशुंग के होल्यारों ने वाहिनी परिसर में हिमवीरों के साथ होली खेली। कमांडेंट बसंत कुमार नोगल ने सभी होल्यारों और हिमवीरों को अबीर गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। बाद में होलिका दहन किया गया।
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नशे के खिलाफ दिया संदेश
चंपावत। सामाजिक कार्यकर्ता और जनकवि प्रकाश जोशी शूल ने सिप्टी क्षेत्र में लोगों को रंगों के पर्व में खुशियों के रंग भरने के लिए नशा त्याग करने को प्रेरित किया। उन्होंने किशोरों और यथुवाओं को नशा नहीं करने की शपथ भी दिलाई। टनकपुर में नन्हें बच्चों ने पोस्टर के जरिए नशे के खिलाफ संदेश दिया।
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हिंदू मुस्लिम भाई चारे की एकता का प्रतीक पुराना बाजार होली
पिथौरागढ़। हिंदू-मुस्लिम भाई चारे की एकता का प्रतीक पुराना बाजार की होली का भी सौहार्द के साथ समापन हो गया है। एक तरफ मस्जिद तो एक तरफ मंदिर और बीच में होल्यार होली गायन करते हुए रंगों के त्योहार को प्रेम से मनाते हैं। ढोल की थाप और होली गीतों की धुन पर कदम से कदम मिलाकर होल्यारों ने गीत गाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि होली के लिए मथुरा से चीर लाई गई थी। तब से होली कार्यक्रम निरंतर चलता आ रहा है।
दोनों समुदाय के लोग मिलकर चीर बंधन से लेकर होली कार्यक्रम के समापन तक पूरा सहयोग करते हैं। सिकंदर अली, भोला ब्रदर्स, तोहराब, अकबर ढोल वादन करते हैं तो हिंदू भाई होली गायन करते हैं। शनिवार को पुराना बाजार चौक में दौला के होल्यार होली लेकर पहुंचे। उन्होंने होली गायन कर खूब रंग जमाया। इस दौरान हरीश नगरकोटी, चंद्र दत्त भट्ट, हरीश, पुरुषोत्तम नगरकोटी, गिरीश देवलाल, निर्मल नगरकोटी, जीवन, मोहन समेत कई शामिल रहे। होली कमेटी अध्यक्ष त्रिभुवन साह ने सभी का आभार जताया।
इधर केंद्रीय विद्यालय में प्राचार्य कमला निखुर्पा के नेतृत्व में होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षक अशोक ओझा, शैलेश गुप्त, भावना जोशी, जीवन कुमार, ऊषा पंत, प्रतीक, अर्चना आदि शामिल रहे।
कहीं अबीर-गुलाल बरसा, कहीं इंद्रधनुषी रंग की छटा
होली के रंग में रंगे नजर आए लोग, होली गायन की खूब मची धूम
कॉमन इंट्रो
रंगों का पर्व होली शनिवार को जिले भर में उल्लास के साथ मनाया गया। बड़े, बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं सब होली के रंग में डूबे नजर आए। लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। हर तरफ रंगों की बौछार और पानी की फुहार से लोगों ने होली खेली। होली के रंगों में सराबोर होल्यारों ने घर-घर जाकर लोगों को होली की बधाई दी। होल्यारों ने सब फगुआ मिलि देवे आशीष, तुम हम जीरों लाख बरीस और हमरो कया को बुर जिन मान्या बरस दिन की होली है आदि आशीष के साथ लोगों को बधाई दी।
रूठे श्याम को मैं तो होली में मना आऊंगी
पिथौरागढ़। स्टेडियम में शिक्षक प्रवीण रावल के घर पर महिलाओं की होली का आयोजन किया। महिलाओं ने होरि खेलें लालज्यू बाजे ताल जैसे कृषन घनन, एक गावत एक मृदंग बजावत एक नाचत छन नन, बहुत दिनांक के रूठे श्याम को मैं तो होली में मना आऊंगी, श्री वृंदावन की कुंज गलि से गोदी में उठा लाऊंगी गाकर होली गायन किया। पौंण, पपदेव, बड़ौली, हुड़ेती, बजेटी, एंचोली, टकाड़ी में खड़ी होली का आयोजन किया गया। लोगों ने डोल की थाप पर जमकर होली गायन किया।
गंगोलीहाट। हनेरा गांव में छलड़ी के दिन डबल स्टोरी वाली होली को वहां के लोग पूरी शिद्दत के साथ वर्षों से मनाते आ रहे हैं। जवान युवक एक दूसरे का हाथ पकड़कर गोल घेरा बनाते हैं और उनके ऊपर में फिर गोल घेरे में उनसे कम वजन वाले युवा घेरा बनाकर होली खेलते हैं। लाली खतेड़ा, रावल गांव, कुंजनपुर, हाट, पाली,पोखरी, कोठेरा सहित लगभग सभी गांव में होली गीत गाए जाते हैं, परंतु हनेरा में छलड़ी के दिन आने वाली होली विशेष है।
अस्कोट। महिला होल्यार को भक्ति रस पर आधारित होली गायन किया। खोलिया गांव, देवल, बेड़ा, बगड़ीहाट, गर्खा, भागीचौरा, हिनकोट, गर्जिया, जमतड़ी, सिरतोली, कूटा बाजार, जौलजीबी आदि क्षेत्रों में लोगों ने होली गायन किया।
गणाईगंगोली । महिलाओं ने सात रंग में खेल रही है, दिलवालों की टोली रे, भीगी दामन छोली री, अरे अपने ही रंग में रंग ले मुझको आदि गीत गाकर खूब ठुमके लगाए। राम मंदिर में महिला होल्यारों ने होली गायन कर होली खेली।
डीडीहाट। सुबह से ही महिलाओं की टोलियां बाजार की सड़कों में निकलकर होली खेलती नजर आई। तहसील वार्ड, अंबेडकर वार्ड सहित सभी वार्डों में महिला, बच्चों ने जमकर होली खेली। महिला मंगल दल की सदस्य कमला पंत के निवास में होली मिलन के कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने होली गायन के साथ जमकर डांस किया। जनजाति वर्ग के लोगों ने नंदा मंदिर में होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया।
कनालीछीना। कनालीछीना विकासखंड के गांवों में भी होली की धूम रही। गुड़ौली, मिताड़ीगांव, मलान-मितड़ा, सतगढ़, सांगड़ी आदि गांवों में होली खेली गई। दिन में 12 बजे तक होली खेली गई।
कर गंगा स्नान, बिरही हरि-हरि बोले हर गंगा...
लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में छरड़ी के बाद खड़ी होली का गायन किया गया। इस दौरान होल्यारों ने होली का गायन कर समा बांध दिया। सुंई के आदित्य देव मंदिर में तीन गांव सुंई होली के मुख्य संचालक राजेश चौबे के नेतृत्व में होल्यारों ने खड़ी होली का गायन किया।

होल्यारों ने- कर गंगा स्नान, बिरही हरि-हरि बोले हर गंगा, हरजी ले अवतार विन रावन आए नाचत रास रचाया आदि कई खड़ी होलियों का गायन किया। मुख्य संचालक ने बताया कि सुंई गांव में रविवार को होने वाले टीके के दिन भी खड़ी होली का गायन किया जाएगा। इस मौके पर रमेश खर्कवाल, भुवन चौबे, शंकर दत्त जोशी, ऊर्बा दत्त चौबे, रमेश चौबे, केशवदत्त चौबे आदि रहे। रायनगर चौड़ी, डैंसली, फोर्ती, कलीगांव, बाराकोट, गुमदेश, पाटी, खेतीखान, देवीधुरा, रीठा साहिब क्षेत्रों में भी होली का गायन किया गया।
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