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कुमाऊं में विशेष स्थान रखती है लोहाघाट की खड़ी होली
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लोहाघाट के होली रंग महोत्सव में होली का गायन करती आयोजन समिति से जुड़ी महिलाएं।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। कुमाऊं में गाई जाने वाली खड़ी होलियों में लोहाघाट की खड़ी होली अपना विशेष स्थान रखती है। आठ साल पहले यहां के रामलीला मैदान में शुरू हुए होली रंग महोत्सव ने लोहाघाट की होली की ख्याति दूर दूर तक फैला दी है।
इसके चलते यहां होने वाले होली रंग महोत्सव को देखने के लिए विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। यहां तक कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत रंग महोत्सव में शिरकत कर चुके हैं।
श्री राम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता के प्रयासों से काली कुमाऊं की खड़ी होली के संरक्षण और संवर्द्धन के उद्देश्य से वर्ष 2013 से होली रंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
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शुरुआती दौर से ही क्षेत्रीय जनता के मध्य अपार लोकप्रियता बटोरने वाले रंग महोत्सव ने अल्प समय में ही पूरे कुमाऊं मंडल में अपनी ख्याति प्राप्त कर ली।
कड़े अनुशासन और मर्यादा और होली की पोशाकों में रहते हुए चयनित होने वाली विभिन्न क्षेत्रों की होली टीमें शानदार होली गीतों का गायन कर श्रोताओं को खड़ी होली के रंग में सराबोर कर देते हैं।
संस्कृति संरक्षण में मददगार बना होली महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड बाराकोट के पम्दा गांव से महोत्सव में होली टीम लाने वाले होल्यार नगेंद्र कुमार जोशी का कहना है कि महोत्सव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के होल्यारों में काफी उत्साह रहता है।
होलियों के एक माह पहले से ही होल्यार महोत्सव में प्रस्तुत करने वाली होली का गायन में जुट जाते थे। लोहाघाट का होली रंग महोत्सव हमारी संस्कृति को संरक्षण प्रदान कर रहा है।
विरासत को आगे बढ़ाएगा रंग महोत्सव
लोहाघाट(चंपावत)। सुंई के प्रमुख होल्यार राजेश चौबे का कहना है कि होली रंग महोत्सव के चलते क्षेत्र की खड़ी होली का नाम दूर दूर तक फैला है। महोत्सव में भाग लेने के लिए बूढ़े से लेकर बच्चे सभी लोगों में काफी उत्साह होता है। होली रंग महोत्सव आने वाली पीढियों के लिए हमारी विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
समाज को नया संदेश दे रहा है महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। रायनगर चौड़ी के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय का कहना है कि होली रंग महोत्सव ने विभिन्न क्षेत्रों की खड़ी होली गायन की विधाओं को जहां एक मंच पर प्रदर्शित कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है, वहीं संस्कृति प्रेमी होल्यारों का मनोबल भी बढ़ाया है। होली को मद्यपान एवं तंबाकू सेवन से मुक्त कर समाज को भी एक नया संदेश दिया है।
17 गांवों की होली टीमें कर चुकी हैं शिरकत
लोहाघाट (चंपावत)। श्री राम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी और होली रंग महोत्सव समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता का कहना है कि आधुनिकता की चकाचौंध में विलुप्त होती जा रही खड़ी होली को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से होली रंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव के दौरान करीब 17 गांवों की होली टीमें प्रतिभाग कर चुकी हैं। इस वर्ष हर गांव के नव युवाओं को महोत्सव से जोड़कर भविष्य में होली को और भव्य रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
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इसके चलते यहां होने वाले होली रंग महोत्सव को देखने के लिए विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। यहां तक कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत रंग महोत्सव में शिरकत कर चुके हैं।
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श्री राम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता के प्रयासों से काली कुमाऊं की खड़ी होली के संरक्षण और संवर्द्धन के उद्देश्य से वर्ष 2013 से होली रंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
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शुरुआती दौर से ही क्षेत्रीय जनता के मध्य अपार लोकप्रियता बटोरने वाले रंग महोत्सव ने अल्प समय में ही पूरे कुमाऊं मंडल में अपनी ख्याति प्राप्त कर ली।
कड़े अनुशासन और मर्यादा और होली की पोशाकों में रहते हुए चयनित होने वाली विभिन्न क्षेत्रों की होली टीमें शानदार होली गीतों का गायन कर श्रोताओं को खड़ी होली के रंग में सराबोर कर देते हैं।
संस्कृति संरक्षण में मददगार बना होली महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड बाराकोट के पम्दा गांव से महोत्सव में होली टीम लाने वाले होल्यार नगेंद्र कुमार जोशी का कहना है कि महोत्सव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के होल्यारों में काफी उत्साह रहता है।
होलियों के एक माह पहले से ही होल्यार महोत्सव में प्रस्तुत करने वाली होली का गायन में जुट जाते थे। लोहाघाट का होली रंग महोत्सव हमारी संस्कृति को संरक्षण प्रदान कर रहा है।
विरासत को आगे बढ़ाएगा रंग महोत्सव
लोहाघाट(चंपावत)। सुंई के प्रमुख होल्यार राजेश चौबे का कहना है कि होली रंग महोत्सव के चलते क्षेत्र की खड़ी होली का नाम दूर दूर तक फैला है। महोत्सव में भाग लेने के लिए बूढ़े से लेकर बच्चे सभी लोगों में काफी उत्साह होता है। होली रंग महोत्सव आने वाली पीढियों के लिए हमारी विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
समाज को नया संदेश दे रहा है महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। रायनगर चौड़ी के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय का कहना है कि होली रंग महोत्सव ने विभिन्न क्षेत्रों की खड़ी होली गायन की विधाओं को जहां एक मंच पर प्रदर्शित कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है, वहीं संस्कृति प्रेमी होल्यारों का मनोबल भी बढ़ाया है। होली को मद्यपान एवं तंबाकू सेवन से मुक्त कर समाज को भी एक नया संदेश दिया है।
17 गांवों की होली टीमें कर चुकी हैं शिरकत
लोहाघाट (चंपावत)। श्री राम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी और होली रंग महोत्सव समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता का कहना है कि आधुनिकता की चकाचौंध में विलुप्त होती जा रही खड़ी होली को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से होली रंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव के दौरान करीब 17 गांवों की होली टीमें प्रतिभाग कर चुकी हैं। इस वर्ष हर गांव के नव युवाओं को महोत्सव से जोड़कर भविष्य में होली को और भव्य रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।