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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Hindi Day in Champawat

मातृभाषा हिंदी को व्यवहार में अपनाने की शपथ ली

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 12:33 AM IST
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Hindi Day in Champawat
हिंदी हैं हम. कार्यक्रम के अंतर्गत सिप्टी जीआईसी में हिंदी की शपथ दिलाते प्रधानाचार्य सामश्रवा ? - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हिंदी हैं हम कार्यक्रम के तहत सिप्टी जीआईसी में सोमवार को निबंध प्रतियोगिता हुई। इसमें 21 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। हिंदी भारत के माथे की बिंदी... विषय पर हुई प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने हिंदी के उन्नयन के लिए कई सुझाव दिए।
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प्रधानाचार्य सामश्रवा आर्य ने छात्र-छात्राओं को हिंदी के संरक्षण की शपथ दिलाई। इसके तहत यह संकल्प दिलाया कि देश को एकता के सूत्र में बांधने वाली मातृभाषा हिंदी को मात्र के भाषा के बजाय उसे व्यवहार में अपनाऊंगा और अन्य लोगों को भी इसकी सरलता, सुबोधता, वैज्ञानिकता के प्रति प्रेरित करूंगा।
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एक छात्रा हिमानी जोशी ने निबंध के साथ ही कविता भी लिखी। इसके बोल थे-मातृभाषा बिन व्यर्थ है दुनिया का सब ज्ञान, भारत मां की बोली हिंदी करो इसका सम्मान। सीखो जी भर के भाषा अनेक, पर मातृभाषा न भूलो एक।
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आयोजन में पीटीआई जीवंती देवी, मनोज पांडेय, सोमपाल, अर्जुन सिंह, ललित मोहन बोहरा, पुष्पा रैंसवाल, राजपाल, बदरुद्दीन अंसारी, बलराम, इंद्रजीत आदि ने सहयोग किया।
भारत की आशा है हिंदी...
जन-जन की भाषा है हिंदी, भारत की आशा है हिंदी।
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा, वो मजबूत धागा है हिंदी।
हिंदुस्तान की गौरव गाथा हिंदी, एकता की अनुपम परंपरा हिंदी।
जिसके बिना हिंद थम जाए, ऐसी जीवन रेखा है हिंदी।
- सामश्रवा आर्य, प्रधानाचार्य, जीआईसी सिप्टी (चंपावत)।
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