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जिंडी गौरा महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:54 PM IST
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लोहाघाट के दूरस्थ जिंडी गांव में माँ गौरा की प्रतिमा की पूजा अर्चना करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट विकासखंड के नेपाल के सीमावर्ती गांव जिंडी गांव में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। गौरा महोत्सव को लेकर महिला और पुरुषों में काफी उत्साह बना हुआ है। महिलाएं गौरा-महेश की मूर्तियों का पूजन कर रही हैं, वहीं पुरुष झोड़ों का गायन कर रहे हैं।
महोत्सव के पांचवें दिन लोगों ने रामायण पर आधारित वनवास लीला के बाद का गायन किया। महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर झोड़ा, चांचड़ी आदि मांगलिक गीतों का गायन किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने शिरकत का गौरा-महेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्राम प्रधान मदन कलौनी की अध्यक्षता और कल्याण चंद के संचालन में हुए महोत्सव में युवाओं और बुजुर्गों ने गौरा, धुमारी और चाली का गायन किया। जिसमें उन्होंने गौरा गायन में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता माता के 14 वर्ष वनवास पर आधारित गीतों का गायन किया। महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत गाए। महोत्सव में चंदी चंद, प्रताप चंद, धन बहादुर, केदार चंद, हयात चंद, भगत राम, गुमान राम, लक्ष्मण चंद, हरक चंद, ललित तिवारी, दीपक चंद, बजीर राम, खीमा देवी, माया देवी, मुन्नी, जानकी देवी, पार्वती देवी, सरी देवी, बंसती देवी आदि रहे।
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महोत्सव के पांचवें दिन लोगों ने रामायण पर आधारित वनवास लीला के बाद का गायन किया। महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर झोड़ा, चांचड़ी आदि मांगलिक गीतों का गायन किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने शिरकत का गौरा-महेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्राम प्रधान मदन कलौनी की अध्यक्षता और कल्याण चंद के संचालन में हुए महोत्सव में युवाओं और बुजुर्गों ने गौरा, धुमारी और चाली का गायन किया। जिसमें उन्होंने गौरा गायन में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता माता के 14 वर्ष वनवास पर आधारित गीतों का गायन किया। महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत गाए। महोत्सव में चंदी चंद, प्रताप चंद, धन बहादुर, केदार चंद, हयात चंद, भगत राम, गुमान राम, लक्ष्मण चंद, हरक चंद, ललित तिवारी, दीपक चंद, बजीर राम, खीमा देवी, माया देवी, मुन्नी, जानकी देवी, पार्वती देवी, सरी देवी, बंसती देवी आदि रहे।
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