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अतिथि शिक्षकों को छह माह से नहीं मिला मानदेय
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 01 Mar 2017 09:12 PM IST
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जिले के विभिन्न स्कूलों में तैनात किए गए अतिथि शिक्षकों को छह माह से मानदेय नहीं मिल पाया है। इससे अतिथि शिक्षकों में आक्रोश है। बुधवार को अतिथि शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक में शासनादेश के अनुरूप नियत मानदेय के तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई गई।
जिलाध्यक्ष भुवन प्रथौली की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष चंचल सिंह कुंवर के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं का कहना था कि सितंबर से अतिथि शिक्षक जिले के राजकीय इंटर कॉलेज और हाईस्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन अभी तक उनको किसी भी प्रकार के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। प्रत्येक विकासखंड में प्रति शिक्षक 15 हजार रुपए मासिक मानदेय का शासनादेश और बजट आ चुका है। इसके बाद भी अतिथि शिक्षकों को छह माह से मानदेय से वंचित किया गया है।
वक्ताओं ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि मानदेय नियत होने के पश्चात भी कई जगह केवल कार्य दिवसों की ही गणना की जा रही है। शासनादेश में स्पष्ट है कि अतिथि शिक्षकों को प्रतिमाह 15 हजार रुपए का भुगतान किया जाए। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनके अधिकारों का हनन किया गया तो वह उग्र आंदोलन चलाने को बाध्य हो जाएंगे, जिसकी शुरूआत ब्लाक कार्यालय से जिला तथा निदेशालय स्तर तक होगी। बैठक में रविंद्र बिष्ट, बसंत बोहरा, नवीन पुनेठा, हेम चंद्र सोराड़ी, राजू अधिकारी, मोहन चिलकोटी, अमित गहतोड़ी आदि ने विचार रखे।
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जिलाध्यक्ष भुवन प्रथौली की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष चंचल सिंह कुंवर के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं का कहना था कि सितंबर से अतिथि शिक्षक जिले के राजकीय इंटर कॉलेज और हाईस्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन अभी तक उनको किसी भी प्रकार के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। प्रत्येक विकासखंड में प्रति शिक्षक 15 हजार रुपए मासिक मानदेय का शासनादेश और बजट आ चुका है। इसके बाद भी अतिथि शिक्षकों को छह माह से मानदेय से वंचित किया गया है।
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वक्ताओं ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि मानदेय नियत होने के पश्चात भी कई जगह केवल कार्य दिवसों की ही गणना की जा रही है। शासनादेश में स्पष्ट है कि अतिथि शिक्षकों को प्रतिमाह 15 हजार रुपए का भुगतान किया जाए। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनके अधिकारों का हनन किया गया तो वह उग्र आंदोलन चलाने को बाध्य हो जाएंगे, जिसकी शुरूआत ब्लाक कार्यालय से जिला तथा निदेशालय स्तर तक होगी। बैठक में रविंद्र बिष्ट, बसंत बोहरा, नवीन पुनेठा, हेम चंद्र सोराड़ी, राजू अधिकारी, मोहन चिलकोटी, अमित गहतोड़ी आदि ने विचार रखे।
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