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दावाग्नि में जले बागवानी और तेजपात
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 17 Apr 2016 05:28 PM IST
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जंगल में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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जंगल की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। वन संपदा के अलावा दावाग्नि लधिया घाटी के भिंगराड़ा के क्वैराली तोक में कुछ जगह बागवानी तक जा पहुंची है। गौशाला और घास के लुट्टों का भी नुकसान हुआ है।
वहीं, तेजपात जड़ीबूटी को भी दावाग्नि ने चपेट में ले लिया है। वन संपदा के अलावा बागवानी और जड़ी-बूटी के जलने से भारी नुकसान हुआ है। जिले में पांच हेक्टेयर से अधिक जंगल आग की चपेट में आया है।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि जंगल में लगी आग ने भिंगराड़ा के क्वैराली तोक में तेजपात, अमरूद, माल्टा, नींबू आदि के 70 पेड़ों को नष्ट कर दिया।
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गांव के कृष्णानंद भट्ट की गौशाला को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा कमल, दिनेश, उमेश, हरीश, सुरेश भट्ट के लुट्टे आग की भेंट चढ़ गए। श्रीरीठा साहिब क्षेत्र में भी आग ने भारी नुकसान किया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर आग बुझाने में हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है। शनिवार रात से भुमलाई एवं कोयाटी में आग लगने से यहां के जंगल भी आग की चपेट में हैं।
धुंध से घिरा आसमान
जंगल की आग ने जिले के आसमान को धुंध से भर दिया है। आग के धुएं का असर जंगल के अलावा एनएच के कई हिस्सों पर भी पड़ रहा है। यहां कुछ हिस्सों में आवाजाही भी कठिन हो रही है। धुंध के अलावा तपिश भी बढ़ गई है। रविवार को तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29 डिग्री तक पहुंच गया। जिला अस्पताल के सर्जन डा.आरपी खंडूरी का कहना है कि धुंध और तपिश सेहत के लिए खतरनाक है। आंख और त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ता है। साथ ही इससे एलर्जी का भी खतरा बढ़ सकता है।
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वहीं, तेजपात जड़ीबूटी को भी दावाग्नि ने चपेट में ले लिया है। वन संपदा के अलावा बागवानी और जड़ी-बूटी के जलने से भारी नुकसान हुआ है। जिले में पांच हेक्टेयर से अधिक जंगल आग की चपेट में आया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि जंगल में लगी आग ने भिंगराड़ा के क्वैराली तोक में तेजपात, अमरूद, माल्टा, नींबू आदि के 70 पेड़ों को नष्ट कर दिया।
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गांव के कृष्णानंद भट्ट की गौशाला को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा कमल, दिनेश, उमेश, हरीश, सुरेश भट्ट के लुट्टे आग की भेंट चढ़ गए। श्रीरीठा साहिब क्षेत्र में भी आग ने भारी नुकसान किया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर आग बुझाने में हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है। शनिवार रात से भुमलाई एवं कोयाटी में आग लगने से यहां के जंगल भी आग की चपेट में हैं।
धुंध से घिरा आसमान
जंगल की आग ने जिले के आसमान को धुंध से भर दिया है। आग के धुएं का असर जंगल के अलावा एनएच के कई हिस्सों पर भी पड़ रहा है। यहां कुछ हिस्सों में आवाजाही भी कठिन हो रही है। धुंध के अलावा तपिश भी बढ़ गई है। रविवार को तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 29 डिग्री तक पहुंच गया। जिला अस्पताल के सर्जन डा.आरपी खंडूरी का कहना है कि धुंध और तपिश सेहत के लिए खतरनाक है। आंख और त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ता है। साथ ही इससे एलर्जी का भी खतरा बढ़ सकता है।