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कूड़ा निस्तारण के लिए चंपावत में पुख्ता प्रबंध नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 12 Jan 2016 09:39 PM IST
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सीवर लाइन तो दूर, 18 साल पहले बने चंपावत जिला नगर की सफाई के संकट से जूझ रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का सिस्टम भी अब तक बन नहीं सका है। कूड़ा निस्तारण का कायदे का प्रबंध नहीं होने से शहर में गंदगी बढ़ रही है। वहीं पंचायत से पालिका बनने के बावजूद कूड़ा निस्तारण योजना अधर में लटकी है। सर्किट हाउस के नजदीक सड़क पर कूड़ा फेंकने पर राज्य मानवाधिकार आयोग की दो महीने पहले नगर पालिका को फटकार भी लग चुकी है और अब उसे इस मसले पर 13 जनवरी को देहरादून में आयोग के सामने पेश भी होना है।
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चंपावत शहर में कूड़ा फेंकने के लिए कोई योजना अभी नहीं है। इस वक्त सर्किट हाउस से करीब आधा किमी दूर ललुवापानी रोड के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। पिछले साल 16 नवंबर को चंपावत आए उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजेंद्र जैन ने सर्किट हाउस के नजदीक कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था होने पर नाराजगी जताई थी। कूड़ा डंपिंग जोन को सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए तब आयोग ने राज्य सरकार और नगर पालिका को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने की हिदायत दी थी। अब नगर पालिका को बुधवार को इस मसले पर आयोग के सम्मुख हाजिरी बजानी है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि पालिका आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगी।
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पर्यावरण मित्र भी नाकाफी
करीब 12 किलोमीटर की परिधि में फैली नगर पालिका में सफाई का सिस्टम नगर पंचायत से बेहतर नहीं हो सका है। मात्र 4 स्थायी के अलावा 9 संविदा और 5 मोहल्ला स्वच्छता समिति के पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मी) हैं। इतने बड़े एरिया और सीमित संसाधनों के बीच सफाई करना बेहद कठिन है।
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सफेद हाथी बनी कांपेक्टर मशीन
आठ लाख रुपये लागत से जुलाई 2014 में लगी कांपेक्टर मशीन भी धन की बर्बादी का नमूना बनी है। इस मशीन के जरिए पॉलीथिन रिसाइक्लिंग होनी थी और बचे कूड़े से जैविक खाद बनाए जाने की बात कही गई थी। कांपेक्टर मशीन एक समय में 40 टन पॉलीथिन को रिसाइकिल कर 4 टन पॉलीथिन में तब्दील करना था, मगर इस मशीन का इस रूप में भी उपयोग नहीं हो सका।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत योजना प्रस्तावित की गई है। करीब 10 किमी दूर बनलेख के पास .9 हेक्टेयर वन भूमि का इसके लिए चयन किया गया है। वन अधिनियम की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पालिका सीमित संसाधनों के बीच कूड़ा निस्तारण करा रही है। -प्रकाश तिवारी, अध्यक्ष, नगर पालिका, चंपावत।