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आग से निपटने के लिए आपदा मोचन निधि में मिले 20 लाख
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Fund For Forest Fire Control in Champawat
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चंपावत। जिले में लगातार बढ़ रहीं जंगल में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन की ओर से आपदा मोचन निधि में 20 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। डीएफओ आरसी कांडपाल ने इसकी पुष्टि की है।
डीएफओ कांडपाल ने बताया कि आग बुझाने वाले उपकरणों की खरीद और क्रू स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण के लिए वन विभाग ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बजट मांगा था। इसके सापेक्ष राज्य आपदा मोचन निधि में विभाग को 20 लाख रुपये मिले हैं। इस राशि का उपयोग जरूरी उपकरणों की खरीद के साथ ही आग नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य कर रहे क्रू स्टेशनों का विस्तारीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग ने सात रेंजों में 55 स्थानों में क्रू स्टेशन संचालित किए हैं। प्रत्येक क्रू स्टेशन में तीन से चार कर्मचारियों और अस्थायी श्रमिकों की तैनाती की गई है जबकि टनकपुर के बस्तिया में 19 लाख रुपये की लागत से मॉडल क्रू स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब मॉडल क्रू स्टेशन में जीपीएस लगाकर अन्य आधुनिक उपकरणों की स्थापना की जा रही है।
आग की रोकथाम के लिए युवा निकालेंगे जागरूकता रैली
पिथौरागढ़। नगर में लगातार बढ़ रहीं आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए 30 अप्रैल को युवा जागरूकता रैली निकालेंगे। कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता जुगल किशोर पांडेय ने बताया कि रैली सुबह आठ बजे से टीआरसी से निकाली जाएगी, जो घंटाकरण होकर देव सिंह मैदान में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि रैली के माध्यम से लोगों को आग रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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चीड़ के जंगलों में अधिक हो रहीं आग की घटनाएं
चंपावत। जिले में चीड़ के जंगलों की बहुलता के कारण आग की अधिकतर घटनाएं चीड़ के वनों में हो रहीं हैं। इसमें देवीधुरा और भिंगराड़ा रेंज का जंगल बेहद संवेदनशील बना है। हालांकि वन विभाग की ओर से भिंगराड़ा और देवीधुरा रेंज को आग की दृष्टि से रेड जोन में रखा गया है। इसके बाद भी सर्वाधिक आग की घटनाएं इन्हीं दो रेंजों में हो रहीं हैं।
40 से अधिक घटनाओं में 15 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित
चंपावत। जिले में वन विभाग के सात रेंजों में आग की 40 से अधिक घटनाओं में 15 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। देवीधुरा और भिंगराड़ा रेंज में 20 से अधिक घटनाओं में आठ हेक्टेयर वन भूमि आग की चपेट में आ चुकी है।
चंपावत जिले में आग से बचाव के उपाय कर आग बुझाने के सभी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आग से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि में 20 लाख रुपये की राशि मिलने से आग लगने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। - आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।
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डीएफओ कांडपाल ने बताया कि आग बुझाने वाले उपकरणों की खरीद और क्रू स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण के लिए वन विभाग ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बजट मांगा था। इसके सापेक्ष राज्य आपदा मोचन निधि में विभाग को 20 लाख रुपये मिले हैं। इस राशि का उपयोग जरूरी उपकरणों की खरीद के साथ ही आग नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य कर रहे क्रू स्टेशनों का विस्तारीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग ने सात रेंजों में 55 स्थानों में क्रू स्टेशन संचालित किए हैं। प्रत्येक क्रू स्टेशन में तीन से चार कर्मचारियों और अस्थायी श्रमिकों की तैनाती की गई है जबकि टनकपुर के बस्तिया में 19 लाख रुपये की लागत से मॉडल क्रू स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब मॉडल क्रू स्टेशन में जीपीएस लगाकर अन्य आधुनिक उपकरणों की स्थापना की जा रही है।
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आग की रोकथाम के लिए युवा निकालेंगे जागरूकता रैली
पिथौरागढ़। नगर में लगातार बढ़ रहीं आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए 30 अप्रैल को युवा जागरूकता रैली निकालेंगे। कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता जुगल किशोर पांडेय ने बताया कि रैली सुबह आठ बजे से टीआरसी से निकाली जाएगी, जो घंटाकरण होकर देव सिंह मैदान में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि रैली के माध्यम से लोगों को आग रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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चीड़ के जंगलों में अधिक हो रहीं आग की घटनाएं
चंपावत। जिले में चीड़ के जंगलों की बहुलता के कारण आग की अधिकतर घटनाएं चीड़ के वनों में हो रहीं हैं। इसमें देवीधुरा और भिंगराड़ा रेंज का जंगल बेहद संवेदनशील बना है। हालांकि वन विभाग की ओर से भिंगराड़ा और देवीधुरा रेंज को आग की दृष्टि से रेड जोन में रखा गया है। इसके बाद भी सर्वाधिक आग की घटनाएं इन्हीं दो रेंजों में हो रहीं हैं।
40 से अधिक घटनाओं में 15 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित
चंपावत। जिले में वन विभाग के सात रेंजों में आग की 40 से अधिक घटनाओं में 15 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। देवीधुरा और भिंगराड़ा रेंज में 20 से अधिक घटनाओं में आठ हेक्टेयर वन भूमि आग की चपेट में आ चुकी है।
चंपावत जिले में आग से बचाव के उपाय कर आग बुझाने के सभी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आग से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि में 20 लाख रुपये की राशि मिलने से आग लगने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। - आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।