ठीक नहीं बुजुर्ग नेताओं की अनदेखी : हरीश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के समस्तीपुर में चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाले भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हरीश चंद्र पांडेय ने चुनावी हार के बाद वरिष्ठ नेताओं में मचे घमासान पर चिंता जताई है। शुक्रवार को यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाद बिहार की हार पार्टी के लिए तगड़ा झटका है। जरूरत है कि बिहार की हार के कारणों की ईमानदार समीक्षा हो। पार्टी को अपनी हथेली में सींच वट वृक्ष का रूप देने वाले मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लालकृष्ण आडवाणी, डा.मुरली मनोहर जोशी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करने के बजाय उनकी टिप्पणियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
श्री पांडेय ने कहा कि बुजुर्गों की राय को साइड लाइन करना दूसरे राज्यों पर भी भारी पड़ सकती है। पार्टी के शीर्ष में मची जुबानी जंग दूसरे राज्यों को भी अपनी चपेट में ले सकती है। उत्तराखंड में 2017 के शुरू में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूर्व जिला महामंत्री ने कहा कि चंपावत, डीडीहाट जिले सहित कई इलाकों में पार्टी के संगठनात्मक चुनावों को लेकर विरोध में आवाजें उठी। चंपावत ग्रामीण मंडल अध्यक्ष चुनाव पर भाजयुमो के कई पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए, तो डीडीहाट में चुनाव अधिकारी का पुतला फूंकना पार्टी की बड़ी बीमारी की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि पार्टी के अच्छे भविष्य के लिए समय रहते ऐसे विवादों का समाधान करना जरूरी है।