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आदर्श विद्यालय में एक शिक्षके के भरोसे पांच कक्षाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:45 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य सरकार की ओर से चुनिंदा प्राथमिक और इंटर कॉलेजों को आदर्श विद्यालय की श्रेणी में शामिल किया गया है। लेकिन छह माह बाद भी इसकी अवधारणा जमीनी हकीकत नहीं ले पाई है। यह बात सीडीओ एचजी भट्ट के स्कूलों के निरीक्षण के दौरान सामने आई है। प्राथमिक विद्यालय मानढुंगा में पांच कक्षाओं को संचालित करने के लिए मात्र एक शिक्षिका तैनात है।
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यहां 41 छात्र अध्ययनरत हैं, जबकि मानक के अनुसार प्रधानाध्यापिका सहित पांच अन्य शिक्षकों को यहां तैनात किया जाना है। जीआईसी पुलहिंडोला की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। यहां बाबुओं के अभाव में उनका काम शिक्षक कर रहे हैं। भौतिक विज्ञान, गणित, कृषि आदि महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं। यह जिले का एकमात्र ऐसा विद्यालय है जहां कृषि विषय संचालित किया जा रहा है। 331 छात्र-छात्राओं के लिए यहां स्वस्थ शैक्षिक वातावरण नहीं पाया गया। जिसके लिए उन्होंने सीईओ को शीघ्र शिक्षकों की तैनाती का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय स्तर पर विद्यालयों का निरीक्षण करने की आवश्यकता बताई है।
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पोखरी स्कूल की स्थिति सर्वोत्तम
लोहाघाट। प्रशासनिक तौर पर आदर्श विद्यालयों के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय पोखरी की स्थिति सर्वोत्तम पाई गई। यहां छह में से चार शिक्षक कार्यरत होने से स्कूल का शैक्षिक स्तर अच्छा है। यहां प्रत्येक छात्र की प्रोफाइल तैयार की गई है। हर छात्र को विभिन्न विषयों का अच्छा ज्ञान था। विद्यालय का स्तर किसी भी पब्लिक स्कूल के शैक्षिक स्तर को मात दे रहा था। इन्हीं खूबियों के चलते एसबीआई की ओर से स्कूल में कंप्यूटर सुविधा दी गई है। सीडीओ के अनुसार प्रधानाध्यापक मुकेश चंद्र कर्नाटक के नेतृत्व में शिक्षकों ने स्कूल का जो स्तर कायम रखा है, उसके लिए उन्हें पुरस्कृत करने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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