पाटी (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा में कोराना महामारी के चलते लगातार दूसरे साल लोग बगवाल के रोमांच के दीदार नहीं कर सकेंगे। देवीधुरा की बगवाल 22 अगस्त को सांकेतिक रूप से होगी। बगवाल मेला नहीं होगा। अलबत्ता हर खाम से सिर्फ ग्यारह-ग्यारह प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। सांकेतिक रूप से होने वाले बगवाल मेले के प्रावधानों को लेकर अंतिम निर्णय 12 अगस्त को होगा।
मां बाराही मंदिर समिति के अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया ने बताया कि बगवाल की परंपरा को सांकेतिक रूप से निभाया जाएगा। कोरोना की वजह से मेला नहीं होगा। अलबत्ता सामाजिक दूरी और कोरोना के अन्य नियमों का पालन करते हुए दर्शन करने की सीमित संख्या में अनुमति होगी। दर्शनार्थियों से कोरोना परीक्षण के लिए भी आग्रह किया गया है। सांकेतिक बगवाल की बारीकियों पर अंतिम निर्णय के लिए 12 अगस्त को देवीधुरा में बैठक होगी। देवीधुरा के चार प्रमुख (चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग) खाम के लोग पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना के बाद बगवाल खेलते हैं।