फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Farmers will pay the debt if the crop was wasted

फसल बर्बाद हुई, तो कर्ज कैसे चुकाएंगे किसान

Fri, 13 Apr 2018 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Fri, 13 Apr 2018 10:50 PM IST
विज्ञापन
Farmers will pay the debt if the crop was wasted
लोहाघाट के मंगोली गांव में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई ईलायची की फसल। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
 बीते तीन दिनों में हुई बारिश व ओलावृष्टि ने पहाड़ के कुछ हिस्सों में खेत-खलिहान पर कहर बरपाया है। मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में गेहूं व आम, लीची की फसल पर मार पड़ी है तो पहाड़ में लोहाघाट और लधिया घाटी के कुछ हिस्सों में खेती पर असर पड़ा है। फसल बर्बाद होने से कुछ जगह किसानों के सामने ऋण को चुकाने का संकट भी पैदा हो गया है।

लोहाघाट के मंगोली क्षेत्र के धर्म सिंह बोहरा की प्याज, धनियां, इलायची, आलू, मिर्च, गोभी, टमाटर, बैगन, खुमानी, पुलम, संतरे, माल्टा, आड़ू के फूल गिर गए हैं। उनका कहना है कि धर्मघर साधन सहकारी समिति से एक लाख रुपये का कर्ज लिया, मगर फसल बर्बाद होने से अब इसे चुकाने में परेशानी आएगी। इसी तरह लधिया घाटी के मछियाड़, रीठा साहिब में गेहूं की फसल पर मार पड़ी है।  
विज्ञापन

फोटो 13 सीपीटी 14पी  
बाक्स  
33 हजार किसान, पर फसल बीमा सिर्फ 403 का  
 चंपावत।  जिले में 33 हजार से अधिक काश्तकार हैं। मगर खेती का बीमा मुट्ठी भर लोगों ने भी नहीं कराया है। लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह रावत ने बताया कि रबी की फसल का बीमा सिर्फ 388 काश्तकारों ने ही कराया है। इसके अलावा 15 लोगों ने आम की फसल का पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया है। जिले में सात हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में रबी की खेती के बावजूद मात्र 64.47 हेक्टेयर क्षेत्रफल का ही बीमा हुआ है। इस वजह से फसल को होने वाले नुकसान से भरपाई का विकल्प भी कम रहता है। वैसे जिले के काश्तकारों ने बैंक और समितियों से 35 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


पहाड़ में ज्यादा नहीं है नुकसान: प्रशासन  
चंपावत।  प्रशासन का कहना है कि बारिश व ओलावृष्टि से पहाड़ में खेती के बेहद कम नुकसान की सूचना है। पाटी की एसडीएम निर्मला बिष्ट और लोहाघाट के एसडीएम आरसी गौतम ने अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों को नुकसान की सही स्थिति का पता लगाने सर्वे के निर्देश दिए हैं। वहीं चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि यहां बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। फिर भी सर्वे टीमों को भेजा जा रहा है।  


नुकसान की भरपाई की मांग, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा  
लोहाघाट (चंपावत)। बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की युवक कांग्रेस ने मांग की है। शुक्रवार को युकां प्रदेश सचिव भुवन चौबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम आरसी गौतम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। कहा कि फसलों के बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। शासन से जिला स्तरीय टीम  से मौका मुआयना और खेती को हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजने की मांग की गई है, ताकि प्रभावित किसानों को नुकसान का सही मुआवजा मिल सके। ज्ञापन देने वालों में युकां के अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के सचिव चंचल कुंवर, गोविंद मेहता, प्रदीप देव, प्रकाश मेहरा, नारायण सिंह पुजारी आदि शामिल थे।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed