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जिला अस्पताल से फिर किया गया गर्भवती को रेफर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 08 Jun 2016 10:50 PM IST
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जिला अस्पताल और विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पहले प्रसव के बाद महिला की अत्यधिक रक्तस्राव से हुई मौत के बाद बुधवार को फिर से एक और गर्भवती को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। महिला के जुड़वा बच्चों में पहले बच्चे की सामान्य डिलीवरी हुई, जबकि दूसरे बच्चे की डिलीवरी कराने में डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए।
सीमांत बसौटीमाफी निवासी सुनीता देवी (24) पत्नी किशन सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार सुबह करीब 7 बजे 108 से जिला अस्पताल लाया गया। सुनीता ने एक लड़के को 7 बजकर 5 मिनट पर जन्म दिया। कुछ देर बाद सुनीता को फिर प्रसव पीड़ा होने लगी। दूसरा बच्चा आधा बाहर निकल कर फंस गया। डॉक्टरों के हाथ-पैर फूल गए। महिला की स्थिति और खून चढ़ाने की सुविधा न होने पर डॉ रुपाली ने महिला को उसी हालत में 7 बजकर 50 मिनट पर हायर सेंटर रेफर कर दिया।
किशन सिंह ने तत्काल अपनी पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की ओर से प्रसूता का इलाज अधर में छोड़ कर उसे रेफर किए जाने पर परिजनों ने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसबी ओली का कहना है कि महिला की नाजुक स्थिति और उसकी जान की सुरक्षा के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
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प्राइवेट अस्पताल में कराई दूसरे बच्चे की डिलीवरी
जिला अस्पताल से रेफर हुई सुनीता देवी को नगर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन से दूसरे (मृत) बच्चे की डिलीवरी कराई गई। अब महिला और उसका पहला बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डा.पवन शर्मा का कहना है कि बच्चे के आधा फंसे होने के कारण प्रसूता की जान का संकट बन गया था, लेकिन ऑपरेशन सफल रहा।
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सीमांत बसौटीमाफी निवासी सुनीता देवी (24) पत्नी किशन सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार सुबह करीब 7 बजे 108 से जिला अस्पताल लाया गया। सुनीता ने एक लड़के को 7 बजकर 5 मिनट पर जन्म दिया। कुछ देर बाद सुनीता को फिर प्रसव पीड़ा होने लगी। दूसरा बच्चा आधा बाहर निकल कर फंस गया। डॉक्टरों के हाथ-पैर फूल गए। महिला की स्थिति और खून चढ़ाने की सुविधा न होने पर डॉ रुपाली ने महिला को उसी हालत में 7 बजकर 50 मिनट पर हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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किशन सिंह ने तत्काल अपनी पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की ओर से प्रसूता का इलाज अधर में छोड़ कर उसे रेफर किए जाने पर परिजनों ने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसबी ओली का कहना है कि महिला की नाजुक स्थिति और उसकी जान की सुरक्षा के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
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प्राइवेट अस्पताल में कराई दूसरे बच्चे की डिलीवरी
जिला अस्पताल से रेफर हुई सुनीता देवी को नगर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन से दूसरे (मृत) बच्चे की डिलीवरी कराई गई। अब महिला और उसका पहला बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डा.पवन शर्मा का कहना है कि बच्चे के आधा फंसे होने के कारण प्रसूता की जान का संकट बन गया था, लेकिन ऑपरेशन सफल रहा।