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सभी तहसीलों में आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे क्रियाशील रखें
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चंपावत के बडोली क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण करती तहसीलदार ज्योति धपवाल। सं
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। मानसून अवधि में सभी तहसीलों में नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं। इसलिए डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने इन कक्षों को 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व निरीक्षक अपने कार्यक्षेत्रों में ही रहेंगे। वह अपने मोबाइल फोन बंद नहीं रखेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार की होगी।
डीएम ने कहा कि तहसील नियंत्रण कक्ष में तहसील स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों, सभी राजस्व उपनिरीक्षक, वीडीओ, वीपीडीओ, चिकित्सा अधिकारी, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पूर्ति अधिकारी, परिवहन निगम के अधिकारी पुलिस, थाना, चौकी, कोतवाली, अग्निशामक प्रभारियों के मोबाइल नंबरों की सूची अनिवार्य रूप से तहसील आपदा कंट्रोल रूम में रखी जाए। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से हुई मानव क्षति, पशु क्षति, भवन क्षति, विभागीय, सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान को अलग रजिस्टर में अंकित किया जाए। उसकी दैनिक सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई जाए।
सड़कों पर बहने वाले नदी-नालों पर चेतावनी बोर्ड लगाएं
चंपावत। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग, ग्रामीण मार्गों के कई स्थानों पर नदियां, गधेरे, झरने, रपटे आदि बहते हैं। इनमें बाढ़ आने से यातायात असुरक्षित हो जाता हैं। इसके बावजूद विभागों की ओर से इन स्थलों पर सूचना पट्ट नहीं लगाए गए हैं। इसे गंभीरता से लेकर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर बहती नदियों, नाले वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट, लोनिवि चंपावत, लोहाघाट, पीएमजीएसवाई खंड के अधिशासी अभियंताओं को सभी संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, रेड टेप आदि लगाकर इनकी सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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तहसीलदार ज्योति ने किया बडोली क्षेत्र का निरीक्षण
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के निर्देश पर तहसीलदार ज्योति धपवाल ने राजस्व विभाग की टीम के साथ बडोली क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान पिछले कई दिनों से बंद सड़क को भी जेसीबी से खुलवाया गया। बडोली क्षेत्र के ग्रामीण जय दत्त ने डीएम से गांव का भ्रमण करने और पिछले साल अक्तूबर में आई आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेेने की मांग की थी। इसलिए सोमवार को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने बडोली का भ्रमण किया। उन्होंने आपदा से बंद पैदल रास्तों को खोलने और सड़क पर आए मलबे को जल्द हटाने के निर्देश दिए। टीम में राजस्व निरीक्षक मनीष अटवाल, प्रकाश सिंह कुंवर, रमेश जोशी आदि रहे।
दो दिन में प्रभावितों को उपलब्ध कराएं राहत राशि
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आपदा प्रभावितों को आपदा राहत कोष के मानक के अनुसार एसडीएम स्तर से देय राशि दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में डीएम स्तर से स्वीकृति होनी है उसमें औपचारिकताएं पूर्ण कर यथाशीघ्र अनुमोदन के लिए मुख्य कार्यालय को पत्रावली उपलब्ध कराई जाए।
सभी संचार कंपनियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आपदा के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विभिन्न सेवा प्रदाता कंपनियों में बीएसएनएल, एयरटेल, वोडा-आइडिया के मोबाइल नंबर स्थापित कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, मोबाइल फोन नंबरों की सूचना आपातकालीन केंद्र को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम ने कहा कि तहसील नियंत्रण कक्ष में तहसील स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों, सभी राजस्व उपनिरीक्षक, वीडीओ, वीपीडीओ, चिकित्सा अधिकारी, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पूर्ति अधिकारी, परिवहन निगम के अधिकारी पुलिस, थाना, चौकी, कोतवाली, अग्निशामक प्रभारियों के मोबाइल नंबरों की सूची अनिवार्य रूप से तहसील आपदा कंट्रोल रूम में रखी जाए। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से हुई मानव क्षति, पशु क्षति, भवन क्षति, विभागीय, सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान को अलग रजिस्टर में अंकित किया जाए। उसकी दैनिक सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई जाए।
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सड़कों पर बहने वाले नदी-नालों पर चेतावनी बोर्ड लगाएं
चंपावत। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग, ग्रामीण मार्गों के कई स्थानों पर नदियां, गधेरे, झरने, रपटे आदि बहते हैं। इनमें बाढ़ आने से यातायात असुरक्षित हो जाता हैं। इसके बावजूद विभागों की ओर से इन स्थलों पर सूचना पट्ट नहीं लगाए गए हैं। इसे गंभीरता से लेकर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर बहती नदियों, नाले वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट, लोनिवि चंपावत, लोहाघाट, पीएमजीएसवाई खंड के अधिशासी अभियंताओं को सभी संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, रेड टेप आदि लगाकर इनकी सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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तहसीलदार ज्योति ने किया बडोली क्षेत्र का निरीक्षण
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के निर्देश पर तहसीलदार ज्योति धपवाल ने राजस्व विभाग की टीम के साथ बडोली क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान पिछले कई दिनों से बंद सड़क को भी जेसीबी से खुलवाया गया। बडोली क्षेत्र के ग्रामीण जय दत्त ने डीएम से गांव का भ्रमण करने और पिछले साल अक्तूबर में आई आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेेने की मांग की थी। इसलिए सोमवार को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने बडोली का भ्रमण किया। उन्होंने आपदा से बंद पैदल रास्तों को खोलने और सड़क पर आए मलबे को जल्द हटाने के निर्देश दिए। टीम में राजस्व निरीक्षक मनीष अटवाल, प्रकाश सिंह कुंवर, रमेश जोशी आदि रहे।
दो दिन में प्रभावितों को उपलब्ध कराएं राहत राशि
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आपदा प्रभावितों को आपदा राहत कोष के मानक के अनुसार एसडीएम स्तर से देय राशि दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में डीएम स्तर से स्वीकृति होनी है उसमें औपचारिकताएं पूर्ण कर यथाशीघ्र अनुमोदन के लिए मुख्य कार्यालय को पत्रावली उपलब्ध कराई जाए।
सभी संचार कंपनियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने आपदा के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विभिन्न सेवा प्रदाता कंपनियों में बीएसएनएल, एयरटेल, वोडा-आइडिया के मोबाइल नंबर स्थापित कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, मोबाइल फोन नंबरों की सूचना आपातकालीन केंद्र को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।