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कदम-कदम पर खलनायक बनी बारिश, दो लाश निकालने में लग गए 25 घंटे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 10:24 PM IST
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Disaster in Champawat
तेलवाड़ा में मलबे से शव खोजता राहत दल और आसपास खड़े लोग। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। तीन दिन तक हुई भारी बारिश 450 मिलीमीटर मापी गई। बारिश तो बुधवार को थम गई लेकिन मंगलवार को चंपावत के तेलवाड़ा में मलबे की चपेट में आकर जमींदोज दोमंजिले मकान में तीन लोगों की मौत हो गई। एक लाश मंगलवार को ही बरामद हो गई, लेकिन दो शवों को निकालने में पूरे 25 घंटे लग गए।
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पुलिस प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसएसबी के जवानों की मशक्कत के बाद बुधवार दोपहर 12:05 बजे सभी शव बरामद किए जा सके। बुधवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद तीनों शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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तेलवाड़ा में प्रहलाद राम और मोहन राम के पुराने मकान में मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे 20 मीटर ऊंचाई से तेज गति आए मलबे ने पुराने मकान को धराशायी कर दिया था। भारी मात्रा में मलबा और पेड़ गिरने से यह मकान ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गया। मकान में मौजूद छह लोगों में से तीन लोग भागकर बाहर आ गए।
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इनमें बबीता देवी (32) पति विक्रम राम, जानकी देवी (37) पत्नी स्व. दीवान राम और प्रिंस (15) पुत्र विक्रम राम शामिल थे लेकिन भीतर के कमरों में मौजूद विक्रम राम (32) पुत्र प्रहलाद राम, जानकी देवी (40) पत्नी मोहन राम और आरती (15) पुत्री मोहन राम की मलबे में दबने से मौत हो गई। विक्रम का शव मंगलवार को ही मिल गया था जबकि बुधवार सुबह 11:40 बजे आरती और उसके 25 मिनट बाद मां जानकी देवी का शव बरामद हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शवों को निकालने में देरी की वजह बारिश के साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग की चूक भी रही। समय पर छोटी जेसीबी (रोबोट) न मिलने से शवों को निकालने का काम मैनुअल तरीके से ही किया गया। इसमें अधिक वक्त लगा। वहीं आपदा वाले मकान के पास भूकटाव से कुछ और मकान खतरे की जद में हैं। आसपास के कई पुराने मकान में रह रहे कई लोग घर छोड़ सुरक्षित जगह पर जा रहे हैं।
मृतका के हाथ में था मोबाइल फोन
चंपावत। तेलवाड़ा में तीन जिंदगियां आपदा की भेंट चढ़ गईं, लेकिन घर के भीतर बने मुर्गीबाड़े में मौजूद चार मुर्गियां बच गईं। मृतका आरती कंबल ओढ़ कर सोई थी जबकि मां के हाथ में मोबाइल फोन था।
तहसीलदार और सामाजिक कार्यकर्ता पांडेय ने किया मार्गदर्शन
चंपावत। तेलवाड़ा की भीषण आपदा में प्रशासनिक स्तर पर तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बहादुरी दिखाई। मंगलवार को बारिश के बीच दिनभर मौके पर डटी रहीं धपवाल बुधवार को शव मिलने तक मौजूद रहीं। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नारायण पांडेय ने बुधवार को मलबा हटा कर शव बरामदगी के लिए मकान के कमरों की लोकेशन पता लगाई। हीरा सिंह, सूरज प्रहरी आदि ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।
मृतकाश्रितों को मिली चार-चार लाख रुपये की मदद
चंपावत। तेलवाड़ा में दो भाई प्रहलाद राम और मोहन राम तीनों मृतकों के परिजनों को प्रशासन ने चार-चार लाख रुपये का मुआवजा बांटा। तहसीलदार ज्योति धपवाल और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी ने घर जाकर परिजनों को राहत राशि के चेक बांटे।
गरीबी के कारण किराये में दिया था नया मकान
चंपावत। तेलवाड़ा में दो भाई प्रहलाद राम और मोहन राम का परिवार पुश्तैनी मकान में रहता था। मृतकाश्रित परिवार 60 साल पुराने मकान में रह रहा था। दोमंजिला मकान पुराना होने के बावजूद ये परिवार इसी मकान में रहता था जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हाल में बने मकान को उन्होंने किराये पर दिया था। ताकि किराये की ये रकम उनकी गरीबी दूर करने में मददगार बन सके।

पत्नी जानकी और बेटी आरती की मौत के बावजूद दिल्ली में काम करने वाले मोहन राम सड़क बंद होने के कारण घर नहीं पहुंच सके हैं। बताते हैं कि दिवाली के बाद आरती भी दिल्ली जाने वाली थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
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