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भक्तिरस में डूबा समूचा धाम क्षेत्र
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Sun, 02 Apr 2017 10:25 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर में मनोकामना के लिए गांठ बांधती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम बना है। रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं। रविवार अवकाश के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। करीब तीस हजार श्रद्धालुओं ने अव्यवस्था के बीच देवी के दर्शन कर दरबार में पूजा-अर्चना की।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेले के चलते समूचा क्षेत्र इन दिनों मां के जयकारों से गूंज रहा है। बसों, निजी वाहनों के साथ ही साइकिलों और भक्तिगीतों पर थिरकते श्रद्धालुओं की पैदल आती-जाती टोलियां रास्ते भर भक्तिभाव का अनूठा आनंद प्रदान कर रही हैं। उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही देश के कोने-कोने से भक्तजन सफर में कई तरह के कष्ट झेलते हुए देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं।
भीड़ के कारण मुख्य मंदिर में भी भक्तों को दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े रहकर प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। पड़ोसी देश नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी है। मेला प्रशासन के मुताबिक बीते 24 घंटे में करीब 30 हजार श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचे। मेले के चलते पूर्णागिरि के साथ ही बूम एवं टनकपुर के शारदा स्नानाघाट और पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव, महेंद्रनगर बाजार में भी खासी चहल-पहल बनी है।
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55 साल से अखंड ज्योत जला रहे पं. तिवारी
पूर्णागिरि धाम के पुजारी पं. पूरन चंद्र तिवारी चैत्र और शारदीय नवरात्रों में 55 सालों से भक्तों की मनोकामना के लिए अखंड ज्योत जला रहे हैं। पं. तिवारी के मुताबिक मनोकामना के लिए जो श्रद्धालु अखंड ज्योत जलाना चाहता है उसके नाम की ज्योत जलाकर नित्य दुर्गा सप्तसती का अखंड पाठ किया जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों के समय से जलने वाली यह अखंड ज्योत वे 55 सालों से जलाते आ रहे हैं, अब तक 16 भक्तों के नाम की अखंड ज्योत जल रही है। नवमी के दिन विधि-विधान से कन्या पूजन कर दुर्गा सप्तसती के पाठ का समापन होता है।
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उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेले के चलते समूचा क्षेत्र इन दिनों मां के जयकारों से गूंज रहा है। बसों, निजी वाहनों के साथ ही साइकिलों और भक्तिगीतों पर थिरकते श्रद्धालुओं की पैदल आती-जाती टोलियां रास्ते भर भक्तिभाव का अनूठा आनंद प्रदान कर रही हैं। उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही देश के कोने-कोने से भक्तजन सफर में कई तरह के कष्ट झेलते हुए देवी के दर्शन को पहुंच रहे हैं।
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भीड़ के कारण मुख्य मंदिर में भी भक्तों को दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े रहकर प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। पड़ोसी देश नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी है। मेला प्रशासन के मुताबिक बीते 24 घंटे में करीब 30 हजार श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचे। मेले के चलते पूर्णागिरि के साथ ही बूम एवं टनकपुर के शारदा स्नानाघाट और पड़ोसी देश नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव, महेंद्रनगर बाजार में भी खासी चहल-पहल बनी है।
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55 साल से अखंड ज्योत जला रहे पं. तिवारी
पूर्णागिरि धाम के पुजारी पं. पूरन चंद्र तिवारी चैत्र और शारदीय नवरात्रों में 55 सालों से भक्तों की मनोकामना के लिए अखंड ज्योत जला रहे हैं। पं. तिवारी के मुताबिक मनोकामना के लिए जो श्रद्धालु अखंड ज्योत जलाना चाहता है उसके नाम की ज्योत जलाकर नित्य दुर्गा सप्तसती का अखंड पाठ किया जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों के समय से जलने वाली यह अखंड ज्योत वे 55 सालों से जलाते आ रहे हैं, अब तक 16 भक्तों के नाम की अखंड ज्योत जल रही है। नवमी के दिन विधि-विधान से कन्या पूजन कर दुर्गा सप्तसती के पाठ का समापन होता है।