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बर्फबारी के बाद खतरनाक रास्ते पिंजरा लगाने में बने चुनौती
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नघान के जंगल क्षेत्र में गश्त करते वन अधिकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। नघान और ढकना बडोला क्षेत्र में हिंसक वन्यजीवों की दहशत बरकरार है। वन विभाग की टीमें नघान क्षेत्र के रिखोली में छह दिन बाद भी हमलावर वन्यजीव की पहचान नहीं कर सकी हैं। ग्रामीणों को साथ लेकर वन विभाग क्षेत्र के जंगलों में गश्त कर रहा है लेकिन बर्फबारी के कारण जंगल के रास्ते जोखिमभरे होने से शनिवार को भी पिंजरा नहीं लगाया जा सका।
दो दिन तक हुई भारी बर्फबारी और बारिश से वन विभाग के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएफओ आरसी कांडपाल ने घटनास्थल के आसपास की 15 ग्राम पंचायतों के लोगों को सचेत किया है। क्षेत्र में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को आवाजाही न करने की सलाह दी गई है।
रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि ढकना बडोला, डुंगरासेठी, पुनेठी, डड़ा बिष्ट, बलाई, डिंगडई, सुयालखर्क, नघान, बडोली, कोयाटी, लफड़ा, पल्सों, जैगांव जैतोली, मौराड़ी, घुरचुम के ग्राम प्रधानों से इस निर्देश के अनुपालन की अपील की गई है। कहा गया कि विभागीय गश्त, कैमरा ट्रैपों के जरिये वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी का पता चला है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर महिलाएं मवेशियों को चराने, जलौनी लकड़ी, चारा पत्ती लाने के लिए वन क्षेत्रों में जा रहे हैं।
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वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ की गश्त
चंपावत। नघान और रिखवाड़ी ग्राम पंचायत के जंगलों में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने संयुक्त गश्त की है। डिप्टी रेंजर बृजमोहन टम्टा के नेतृत्व में वन दरोगा चतुर सिंह, संजय त्रिपाठी, वन बीट अधिकारी हरीश जोशी, खीमानंद जोशी, शंकर अधिकारी, पूरन राम, दीपक पांडेय, मोहन राम समेत दोनों ग्राम पंचायतों के ग्रामीण टीमें बनाकर जंगल में गश्त कर रहे हैं।
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दो दिन तक हुई भारी बर्फबारी और बारिश से वन विभाग के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएफओ आरसी कांडपाल ने घटनास्थल के आसपास की 15 ग्राम पंचायतों के लोगों को सचेत किया है। क्षेत्र में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को आवाजाही न करने की सलाह दी गई है।
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रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि ढकना बडोला, डुंगरासेठी, पुनेठी, डड़ा बिष्ट, बलाई, डिंगडई, सुयालखर्क, नघान, बडोली, कोयाटी, लफड़ा, पल्सों, जैगांव जैतोली, मौराड़ी, घुरचुम के ग्राम प्रधानों से इस निर्देश के अनुपालन की अपील की गई है। कहा गया कि विभागीय गश्त, कैमरा ट्रैपों के जरिये वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी का पता चला है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर महिलाएं मवेशियों को चराने, जलौनी लकड़ी, चारा पत्ती लाने के लिए वन क्षेत्रों में जा रहे हैं।
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वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ की गश्त
चंपावत। नघान और रिखवाड़ी ग्राम पंचायत के जंगलों में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने संयुक्त गश्त की है। डिप्टी रेंजर बृजमोहन टम्टा के नेतृत्व में वन दरोगा चतुर सिंह, संजय त्रिपाठी, वन बीट अधिकारी हरीश जोशी, खीमानंद जोशी, शंकर अधिकारी, पूरन राम, दीपक पांडेय, मोहन राम समेत दोनों ग्राम पंचायतों के ग्रामीण टीमें बनाकर जंगल में गश्त कर रहे हैं।