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समितियों के सुस्त सचिवों को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 15 Oct 2016 10:38 PM IST
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चंपावत में आईसीडीएस योजना की समीक्षा करते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य विकास अधिकारी डा.आरएस पोखरिया ने कहा कि लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहने वाली साधन सहकारी समितियों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। शनिवार को एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) की समीक्षा बैठक में धीमी गति से काम कर रहे सचिवों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। जिला सहकारी समितियों के निबंधक पीएस राणा ने बताया कि चार वर्ष की इस योजना के अंतिम चरण में 651.48 लाख रुपए में से 422.11 लाख रुपए का ही उपयोग हो सका है।
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कहा गया कि समितियां फल-सब्जी, अदरक उत्पादन, मधुमक्खी, मत्स्य पालन कर रही समितियों को प्रोत्साहित कर समय-समय पर शासन से मिलने वाले लाभ से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। प्राथमिक दुग्ध समितियों को प्रोत्साहित कर दुग्ध रूट बढ़ाने और निष्क्रिय प्राथमिक दुग्ध समितियों को सक्रिय कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को कहा गया। योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र को 170.25 लाख रुपए आवंटित किए गए। योजना के तहत टनकपुर क्रय-विक्रय समिति ने टूरिस्ट लॉल, रिटेल शाप, काउंटर निर्माण व मार्जिन मनी में धनराशि खर्च की।
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इसके अलावा लघु उद्यम के लिए गोदाम निर्माण, श्रम समितियों को सूक्ष्म उपकरण, मधुमक्खी पालन समिति को मौनपाल बॉक्स, जिला सहकारी बैंक को भवन निर्माण, फर्नीचर, कंप्यूटर खरीद आदि के लिए धन दिया गया। बचे काम को अक्तूबर के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उद्योग विभाग के जीएम जीवी जोशी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी एनसी कोठारी, सीएओ आरएल चंद्रवाल सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे।
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