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चंपावत के कई इलाकों में बंदरों की दहशत
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 03 Apr 2016 10:39 PM IST
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चंपावत के कई इलाकों में बंदरों की दहशत
- फोटो : अमर उजाला
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बंदरों के आतंक को लेकर अल्मोड़ा के कुछ स्कूली बच्चों के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने बेहद संजीदगी दिखाते हुए जवाब-तलब किया है। चंपावत जिले में भी बंदरों ने कई जगह उत्पात मचाया है।
ये बंदर स्कूली बच्चों से लेकर आम लोगों के लिए सिरदर्द बने हैं। मांदली, गोरलचौड़ क्षेत्र से लेकर शहर के कई इलाकों में बंदरों के उत्पात ने लोगों का जीना मुश्किल किया है। जिले में तीन साल पहले बंदरों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं, अमोड़ी क्षेत्र में बंदर कई बार घरों में घुसकर सामान नष्ट करते रहे हैं।
जिले में सात हजार से अधिक बंदर हैं, इनमें से काफी संख्या में बंदर जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंच गए हैं। इस उत्पात से बचने के लिए पांच साल पहले यहां बंदरवाड़े का प्रस्ताव था, लेकिन इसे बाद में निरस्त कर दिया गया। बंदरों को दबोचने के लिए कई बार मंकी कैचरों के माध्यम से अभियान भी चलाया गया। रेंजर दीप जोशी ने बताया कि लोहाघाट में बंदरों को पकड़ने के लिए 10 अप्रैल से अभियान चलाया जाएगा।
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ये बंदर स्कूली बच्चों से लेकर आम लोगों के लिए सिरदर्द बने हैं। मांदली, गोरलचौड़ क्षेत्र से लेकर शहर के कई इलाकों में बंदरों के उत्पात ने लोगों का जीना मुश्किल किया है। जिले में तीन साल पहले बंदरों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं, अमोड़ी क्षेत्र में बंदर कई बार घरों में घुसकर सामान नष्ट करते रहे हैं।
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जिले में सात हजार से अधिक बंदर हैं, इनमें से काफी संख्या में बंदर जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुंच गए हैं। इस उत्पात से बचने के लिए पांच साल पहले यहां बंदरवाड़े का प्रस्ताव था, लेकिन इसे बाद में निरस्त कर दिया गया। बंदरों को दबोचने के लिए कई बार मंकी कैचरों के माध्यम से अभियान भी चलाया गया। रेंजर दीप जोशी ने बताया कि लोहाघाट में बंदरों को पकड़ने के लिए 10 अप्रैल से अभियान चलाया जाएगा।
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