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चंपावत कैश चेस्ट में नकदी की किल्लत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:55 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में नगदी का संकट बढ़ने के आसार हैं। सोमवार को कैश चेस्ट में महज 20 लाख रुपए थे। इसके चलते चेस्ट से दूसरे बैंकों को कैश नहीं मिल सका। एसबीआई की मंच शाखा सहित कई बैंकों को कैश नहीं मिल सका। धन की भारी किल्लत से एसबीआई भी 24 हजार रुपए खातेदारों को नहीं दे पाया। मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बताया कि सोमवार को बैंक ने पांच हजार रुपए की अधिकतम लिमिट रखी थी। उनका कहना है कि कैश के लिए आरबीआई सहित दूसरे जिलों से बात की जा रही है। फिलहाल जल्द नकदी न मिलने से संकट गहराने का अंदेशा जताया जा रहा है।
पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की शाखा में सोमवार को पांच लाख रुपए कैश था। इसके चलते बैंक ने खातेदारों को पांच हजार से आठ हजार रुपए तक दिए। अलबत्ता हल्द्वानी से रुपए का प्रबंध करने वाले यूनियन बैंक ने अपने खातेदारों को 24 हजार रुपए दिए।
सिर्फ तीन एटीएम में थे 500 के नोट
चंपावत। अधिकांश एटीएम 4500 रुपए की अधिकतम सीमा में धन नहीं दे पा रहे थे। इसकी बड़ी वजह 500 रुपए के नोट का न होना था। तीन एटीएम को छोड़ किसी भी एटीएम से 4500 रुपये नहीं मिल पा रहे थे। आईडीबीआई सहित पांच एटीएम में नकदी नहीं थी। तीन बैंकों को छोड़ किसी के पास 500 रुपए भी नहीं थे।
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कोषागार से सोमवार को ट्रांसफर हुई पेंशन
चंपावत। पेंशनर्स के बैंक खाते में सोमवार को पेंशन की रकम नहीं पहुंच सकी थी। इस वजह से सोमवार को ज्यादातर पेंशनर्स बैंक तक नहीं गए। वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि सोमवार दोपहर तक पेंशन राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। रकम मिलने के बाद मंगलवार से पेंशनर्स का बैंक पर दबाव बढ़ेगा।
कैश की कमी से मायूस लौट रहे लोग
बैंकों से पर्याप्त रुपए न मिलने के कारण लोगों को काफी दिक्कतें हुई। कैश की कमी के चलते कई उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। एसबीआई के शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि चेस्ट ब्रांच से रुपए न मिलने से खातेदारों को पांच हजार रुपए तक भुगतान किया गया। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक एचसी तिवारी ने बताया कि बैंक ने 10 हजार रुपए का भुगतान किया। यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा से चार हजार रुपए मिल रहे थे।
नए साल में सोमवार को पहले दिन खुले बैंकों में नकदी जमा करने और निकालने वालों की खासी भीड़ रही। एटीएम से भी रुपए निकलने की सीमा बढ़ाकर चार हजार कर दी गई है। बैंकों में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करने का समय खत्म होने और दो दिन बैंकों में अवकाश के बाद नए साल में सोमवार को पहली बार बैंक खुले। एसबीआई के शहर में लगे तीनों एटीएम खाली रहने से बैंक के अंदर खासी भीड़ रही। रुपए निकालने के लिए लोगों को बैंक में जाना पड़ा। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक पीसी पंत ने बताया कि बैंक में पर्याप्त कैश न होने की वजह से एटीएम में रुपए नहीं डाले गए। ग्राहकों को छोटा-छोटा भुगतान बैंक से ही किया गया। बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक के एटीएम से 4000 हजार रुपए निकलने लगे हैं। जबकि पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से अब भी दो हजार रुपए ही निकले लेकिन दोपहर बाद यह एटीएम भी खाली हो चुका था। जिन एटीएम से रुपए निकले उनमें दिन भर लंबी लाइन लगी रही।
पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की शाखा में सोमवार को पांच लाख रुपए कैश था। इसके चलते बैंक ने खातेदारों को पांच हजार से आठ हजार रुपए तक दिए। अलबत्ता हल्द्वानी से रुपए का प्रबंध करने वाले यूनियन बैंक ने अपने खातेदारों को 24 हजार रुपए दिए।
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सिर्फ तीन एटीएम में थे 500 के नोट
चंपावत। अधिकांश एटीएम 4500 रुपए की अधिकतम सीमा में धन नहीं दे पा रहे थे। इसकी बड़ी वजह 500 रुपए के नोट का न होना था। तीन एटीएम को छोड़ किसी भी एटीएम से 4500 रुपये नहीं मिल पा रहे थे। आईडीबीआई सहित पांच एटीएम में नकदी नहीं थी। तीन बैंकों को छोड़ किसी के पास 500 रुपए भी नहीं थे।
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कोषागार से सोमवार को ट्रांसफर हुई पेंशन
चंपावत। पेंशनर्स के बैंक खाते में सोमवार को पेंशन की रकम नहीं पहुंच सकी थी। इस वजह से सोमवार को ज्यादातर पेंशनर्स बैंक तक नहीं गए। वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि सोमवार दोपहर तक पेंशन राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। रकम मिलने के बाद मंगलवार से पेंशनर्स का बैंक पर दबाव बढ़ेगा।
कैश की कमी से मायूस लौट रहे लोग
बैंकों से पर्याप्त रुपए न मिलने के कारण लोगों को काफी दिक्कतें हुई। कैश की कमी के चलते कई उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। एसबीआई के शाखा प्रबंधक डमर सिंह पतियाल ने बताया कि चेस्ट ब्रांच से रुपए न मिलने से खातेदारों को पांच हजार रुपए तक भुगतान किया गया। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक एचसी तिवारी ने बताया कि बैंक ने 10 हजार रुपए का भुगतान किया। यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा से चार हजार रुपए मिल रहे थे।
नए साल में सोमवार को पहले दिन खुले बैंकों में नकदी जमा करने और निकालने वालों की खासी भीड़ रही। एटीएम से भी रुपए निकलने की सीमा बढ़ाकर चार हजार कर दी गई है। बैंकों में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करने का समय खत्म होने और दो दिन बैंकों में अवकाश के बाद नए साल में सोमवार को पहली बार बैंक खुले। एसबीआई के शहर में लगे तीनों एटीएम खाली रहने से बैंक के अंदर खासी भीड़ रही। रुपए निकालने के लिए लोगों को बैंक में जाना पड़ा। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक पीसी पंत ने बताया कि बैंक में पर्याप्त कैश न होने की वजह से एटीएम में रुपए नहीं डाले गए। ग्राहकों को छोटा-छोटा भुगतान बैंक से ही किया गया। बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक के एटीएम से 4000 हजार रुपए निकलने लगे हैं। जबकि पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से अब भी दो हजार रुपए ही निकले लेकिन दोपहर बाद यह एटीएम भी खाली हो चुका था। जिन एटीएम से रुपए निकले उनमें दिन भर लंबी लाइन लगी रही।