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चंपावत के मानेश्वर में मिली एक और कामधेनु
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 28 Nov 2015 10:37 PM IST
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यह प्रकृति का अद्भुत संयोग ही कहा जाएगा कि चंपावत जिले के मानेश्ववर में एक और कामधेनु मिली है, जो बीते 15 सालों से बिना गर्भ धारण किए अनवरत दूध दे रही है। इससे पहले भी चंपावत जिले के ही टनकपुर खेतखेड़ा गांव में इस तरह की कामधेनु मिली थी जो 12 सालों से बिना गाभिन हुए लगातार दूध रही है। पशु विज्ञानियों और डॉक्टरों का मानना है कि सामान्य स्थितियों में बिना गाभिन हुए गाय का इतने लंबे समय तक लगातार दूध देना संभव नहीं है। पशु चिकित्सक डा.एचसी जोशी के अनुसार अपवाद स्वरूप इस तरह के मामले अन्य स्थानों पर भी प्रकाश में आने लगे हैं, जहां पर बांझ गायें दूध दे रही हैं।
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लोहाघाट और चंपावत के ठीक मध्य में स्थित मानेश्वर में मानेश्वर पब्लिक स्कूल का संचालन करने वाली कमला पांडेय 15 साल पहले इस गाय को मझेड़ा गांव से लाई थीं। उनका कहना है कि तब से यह गाय बिना एक बार भी गर्भधारण किए लगातार दूध दे रही है। इस कामधेनु रूपी गाय को पाकर पशुपालक परिवार काफी खुश है। सभी लोग इस गाय को अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते हैं। बताते चलें कि करीब एक माह पहले खेतखेड़ा ग्राम निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मदन सिंह महर की गाय भी उस समय कौतूहल के साथ चर्चा का विषय बनी थी, जब लोगों को उसके बिना गर्भ धारण किए 12 सालों से दूध देने की बात पता चली।
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प्रतिदिन तीन लीटर दूध देती है कामधेनु
मानेश्वर की कमला पांडेय बताती हैं, उनकी गाय सुबह-शाम दोनों समय करीब डेढ़-डेढ़ लीटर दूध देती है। गाय का दूध अन्य गायों की तुलना में काफी गाढ़ा और स्वादिष्ट होता है। वह गाय को नियमित हरे चारे के अलावा संतुलित पशुआहार खिलाती हैं।
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