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भारत से नेपाल को जलापूर्ति के लिए नहर निर्माण की कवायद तेज, सर्वेयर टीम ने किया निरीक्षण

Mon, 20 Jul 2020 10:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 20 Jul 2020 10:31 PM IST
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Canal constructed to supply water from India to Nepal process fast
नकपुर में इंडो-नेपाल चैनल निर्माण स्थल का निरीक्षण करते अधिकारियों की टीम। - फोटो : TANAKPUR

शारदा नदी से नेपाल को जलापूर्ति के लिए टनकपुर बैराज से चैनल (नहर) निर्माण की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को वन विभाग की सर्वेयर टीम के साथ ही राजस्व, खनन और कार्य की नोडल एजेंसी एनएचपीसी के अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों ने निर्माण स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। चैनल निर्माण के लिए एनएचपीसी ने सरकार से 3.5 लाख घन मीटर आरबीएम की मांग की है। शारदा से आरबीएम देने के लिए अलग तौल कांटा लगाया जाएगा।

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नेपाल के साथ वर्ष 1991 में हुई संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए जलापूर्ति दी जानी है। इसके लिए नेपाल सीमा तक भारतीय क्षेत्र में चैनल निर्माण का काम भारत सरकार के जिम्मे है। टनकपुर बैराज नेपाल छोर में बैराज से करीब 150 मीटर उत्तर की छोर से 1.2 किमी लंबी और 100 मीटर चौड़ी चैनल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए करीब 12 हेक्टेयर वन भूमि एनएचपीसी को हस्तांतरित करने के साथ ही इसकी जद में आए करीब 1700 पेड़ों का कटान करने के बाद चैनल की बुनियाद का काम भी शुरू हो चुका है। 
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सोमवार को हल्द्वानी से पहुंची वन विभाग की सर्वेयर रेनू आर्या और तहसीलदार खुशबू पांडेय की अगुवाई में वन, राजस्व, खनन, एनएचपीसी के अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों ने निर्माण स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। तहसीलदार खुशबू ने बताया कि नोडल एजेंसी एनएचपीसी ने चैनल निर्माण के लिए 3.5 लाख मीटर आरबीएम की मांग की है, जो शारदा नदी से दिया जाना है।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए शारदा के डाउनस्ट्रीम में अलग से तौल कांटा लगाया जाना है। उन्होंने बताया कि वर्षाकाल के बाद खनन खुलते ही चैनल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इंडो-नेपाल चैनल निर्माण स्थल के संयुक्त निरीक्षण में वन विभाग की सर्वेयर रेनू आर्या, तहसीलदार समेत एसडीओ वन रामकृष्ण मौर्य, खनन प्रभारी हरीश पाल, रेंजर महेश सिंह बिष्ट, एनएचपीसी के जेई जयवीर भंडारी आदि थे।

नेपाल ने सीतापुल पुलिस चौकी के लिए जारी किए सात करोड़ 

कालापानी विवाद के बाद नेपाल ने सीमा के जर्जर हो चुके पुलिस भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य सरकार ने सीता पुल पुलिस चौकी के निर्माण के लिए सात करोड़ जारी कर दिए हैं। 

नेपाल अपने नक्शे में भारतीय क्षेत्र लिंपियाधूरा, कालापानी और लिपुलेख को दर्शाया है। नक्शा जारी करने के बाद सात बॉर्डर एरिया पोस्ट (बीओपी) भी बना चुका है। भारत से सटी नेपाल सीमा पर उसके बाद से ही सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के जवान पेट्रोलिंग करने के साथ ही भारतीय क्षेत्र में नजर भी रख रहे हैं। नेपाल ने एपीएफ का हेडक्वार्टर खलंगा में बनाने और  बीओपी में जवानों के रहने के लिए स्थायी भवनों का निर्माण भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश नंबर सात की सरकार ने सीमा पर स्थित प्रहरी चौकी के खस्ताहाल भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

दार्चूला के विधायक गेल्बू सिंह बोहरा ने बताया सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर व्यास नगरपालिका वार्ड नंबर एक छांगरुमें पुलिस भवन निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये के बजट का आवंटित कर दिया है। वहां पुलिस चौकी के नाम पर चार नाली जमीन होने बावजूद अभी तक कोई इमारत नहीं है। छांगरु के पूर्व में नीतिकुंडा के पास पहले से एक चौकी है। सरकार ने वर्ष 2020-21 के बजट के वार्षिक कार्यक्रम में पुलिस पोस्ट के भवन निर्माण को शामिल किया है। इस बारे में प्रक्रिया आंतरिक मामले और कानून मंत्रालय के माध्यम से आगे बढ़ रही है। 

जीर्णशीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण के लिए पत्र भेजा
नेपाल ने दार्चुला से तिंकर सीमा तक पहले ही तीन प्रहरी चेकपोस्ट खोले हैं। तिंकर के छियालेख में बीओपी के नाम 213 रोपनी (110014 वर्ग मीटर) जमीन, सीतापुल प्रहरी चौकी के नाम चार रोपनी (2034 वर्ग मीटर), व्यास के नीतिकुंडा में दो रोपनी (1017 वर्गमीटर) भूमि है। 2013 में तिंकर के छियालेख में तस्करों ने पुलिस पोस्ट को जला दिया था। तब से प्रहरी जवान कष्टकर जीवन व्यतीत कर क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे हैं। पुलिस ने दार्चूला में सरकार से तिंकर और नीतिकुंडा में भी जीर्णशीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण के लिए पत्र भेजा है।

व्यास के पास पुलिस पोस्ट भवन के निर्माण की औपचारिक सूचना मिल गई है। बजट के आवंटन की लिखित जानकारी अभी नहीं मिली है। जैसे ही सूचना आएगी, उसी आधार पर भवन निर्माण के काम को आगे बढ़ाया जाएगा। 
- पद्मबहादुर बिष्ट, डीएसपी, दार्चुला नेपाल।

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