फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Came to the rescue after the earthquake have not kept pace with each other on

भूकंप के बाद बचाव को उतरे पर  आपस में नहीं रख पाए तालमेल

Mon, 11 Jul 2016 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत। Updated Mon, 11 Jul 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
Came to the rescue after the earthquake have not kept pace with each other on
भूकंप का मॉक ड्रिल - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन



 सोमवार को सु़बह साढ़े दस बजे आए भूकंप के बाद बचाव के लिए निकली टीमें आपस में बेहतर तालमेल नहीं रख पाईं। संचार उपकरणों का यही उपयोग नहीं किया जा सका। भूंकप हालांकि आठ तीव्रता का था और इस स्थिति से निपटना बेहद मुश्किल भी माना जा सकता है। गनीमत थी कि यह एक मॉक ड्रिल ही थी।
नब्बे के दशक में उत्तराखंड का सामना दो बड़े भूकंपों से हुआ था। हिमालयी क्षेत्र में होने के कारण अब भी किसी बड़े भूकंप से इनकार नहीं कि या जा सकता। ऐसे में सोमवार को खुद को परखने निकलने अधिकारी और बचाव कर्मियों को आखिरकार यह सबक मिल ही गया कि बिना तालमेल के बेहतर बचाव अभियान नहीं चलाया जा सकता है। प्रदेश में कुछ समय पहले तक सेवन डेस्क सिस्टम था। अब इसकी जगह आपदा के समय के लिए इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था में आपदा के समय प्रत्येक विभाग और व्यक्ति की भूमिका पूरी तरह से स्पष्ट है। बावजूद इसके तालमेल की कमी साफ तौर पर सामने आई। 
विज्ञापन


डीएम डा.अहमद इकबाल ने मॉकड्रिल के बाद अधिकारियों को बेहतर तालमेल के साथ संचार उपकरणों का सटीक उपयोग करते हुए बचाव अभियान का संचालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा की रियल परिस्थिति में गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं आम आदमियों से भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर ने मॉकड्रिल में पाया कि पूरे ऑपरेशन में सूचनाओं का आदान-प्रदान सही ढंग से न हुआ। जिला अस्पताल तथा घटनास्थल जीआईसी में अनावश्यक गाडिय़ां खड़ी रहने के कारण घायलों को लाने वाले वाहनों, एंबूलेंस को आने जाने में असुविधा हुई तथा घायलों के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अनावश्यक भीड़ जिला अस्पताल में देखने को मिली। विकासभवन में अग्निशमन व्यवस्थायें लचर स्थिति में थी। आग बुझाने के लिए विकासभवन कार्यालय में लगाया गया फायर हायडेंट क्रियाशील स्थिति में न होने के साथ कार्मिकों में फायर उपकरणों की जानकारी नहीं थी।


कैसे चला अभियान..........
-जीआईसी, जिला अस्पताल एवं विकास भवन कार्यालय में मॉकड्रिल अभ्यास किया गया। सुबह ठीक साढ़े दस बजे जिले में 8.0 तीव्रता का भूकंप आने की सूचना आपदा कंट्रोल रूम के ध्वनि प्रसारण यंत्र के माध्यम से प्रसारित की गयी। जिसके तत्काल बाद इंसीडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस) टीम के सभी अधिकारी ऑपरेशन कमांडर एडीएम जेएस राठौर के नेतृत्व में स्टेजिंग एरिया गौरलचौड़ में एकत्रित हुए।
जिला कंट्रोल रूम से जीआईसी चंपावत में भूकंप से भारी जानमाल के नुकसान की सूचना दी गयी। इंसीडेंन्ट कमांडर सीएस डोभाल के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम स्टेजिंग एरिया गौरलचौड़ से जीआईसी के लिए रवाना हुई। रेस्क्यू टीम में पुलिस बल के 24, राजस्व के दो, एसएसबी के 16 तथा अन्य 65 अधिकारी, कर्मचारी शामिल थे। रेस्क्यू टीम ने स्कूल के सारे बच्चों एवं स्टॉफ को बाहर निकालकर घायल बच्चों, स्टाफ की तलाश शुरू की। 
मॉकड्रिल में रेस्क्यू टीम को भूकंप से जीआईसी परिसर में स्टॉफ सहित कुल 16 लोग घायल अवस्था में मिले। 
दूसरी घटना में विकासभवन कार्यालय में आग लगने की सूचना आपदा कंट्रोल रूम को मिली। आग लगने की सूचना मिलते ही इंसीडेंट कमांडर भगत सिंह फोनियां के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम को स्टेजिंग एरिया से विकासभवन के लिए रवाना किया गया। विकासभवन को रेस्क्यू टीम के द्वारा पूरी तरह से खाली कराया गया तथा घायलों की तलाश शुरू की गई। आग लगने के कारण कक्षों में फैले धुऐं से विकासभवन में कार्यरत 7 कर्मचारी बेहोश अवस्था में मिले। 



इनकी रही नजर
-मॉकड्रिल अभ्यास की अच्छाईयों एवं कमियों को नोटिस करने के लिए पर्यवेक्षक के रूप में जिला पर्यटन अधिकारी आरएस ऐरी, डा.एमपी जोशी तथा डा. शूरवीर सिंह को शामिल किया गया था। जिन्होंने अपनी रिपोर्ट ऑपरेशन कमांडर को दी।  मॉकड्रिल अभ्यास के पूरे ऑपरेशन के बाद आईआरएस से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी स्टेजिंग एरिया वन पंचायत हॉल में एकत्रित हुए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed