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चंपावत में मौसम को मात दे रही सियासत की सरगर्मी
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Byelection in Champawat
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टनकपुर (चंपावत)। चंपावत सीट के टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में मौसम की तरह ही सियासत की गर्मी भी उफान पर है। प्रदेश सरकार के मुखिया से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेताओें का फोकस टनकपुर पर रहा है।
विधानसभा की चंपावत सीट में मैदान और पहाड़ दोनों हिस्से शामिल हैं। मैदान में कम क्षेत्र होने के बावजूद यहां 96213 मतदाताओं में से करीब 51 प्रतिशत मतदाता मैदानी क्षेत्र के हैं। इस वजह से मतदान के काउंटडाउन के बीच यहां राजनीतिक तूफान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो बार रोड शो कर चुके हैं। सांसद अजय टम्टा, पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी, साध्वी प्राची समेत संगठन के कई दिग्गज सोमवार को उनके साथ थे। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने भी टनकपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा के दो मंत्री भी यहां प्रचार में जुटे हैं।
इधर कांग्रेस की कमजोरी को दूर करने की कवायद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जरिये शुरू हुई। विधानसभा में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य, उपनेता भुवन कापड़ी, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित कई दिग्गज सक्रिय हैं। दोनों दलों की इन गतिविधियों से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
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15 फीसदी मैदानी क्षेत्र में 51 प्रतिशत वोट
टनकपुर (चंपावत)। अल्मोड़ा लोकसभा सीट में शामिल 14 विधानसभा सीटों में से चंपावत अकेली सीट है, जिसमें पहाड़ के साथ 15 प्रतिशत मैदानी क्षेत्र भी शामिल है। कुल 96213 मतदाताओं वाली इस सीट के मैदानी हिस्से टनकपुर-बनबसा में 48848 और पहाड़ में 47365 मतदाता हैं। नेपाल सीमा से 65 किमी भूभाग को छूने वाली चंपावत सीट के 85 प्रतिशत पहाड़ी क्षेत्र से 1463 वोट अधिक होने से इस सीट पर पिछले चुनाव तक जातिगत समीकरण की भी खासी भूमिका रहती थी।
चुनाव में मैदान की भूमिका अहम
मैदान के मतदेय स्थल 61, मतदाता 48848
पहाड़ के मतदेय स्थल 90, मतदाता 47365
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विधानसभा की चंपावत सीट में मैदान और पहाड़ दोनों हिस्से शामिल हैं। मैदान में कम क्षेत्र होने के बावजूद यहां 96213 मतदाताओं में से करीब 51 प्रतिशत मतदाता मैदानी क्षेत्र के हैं। इस वजह से मतदान के काउंटडाउन के बीच यहां राजनीतिक तूफान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो बार रोड शो कर चुके हैं। सांसद अजय टम्टा, पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी, साध्वी प्राची समेत संगठन के कई दिग्गज सोमवार को उनके साथ थे। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने भी टनकपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा के दो मंत्री भी यहां प्रचार में जुटे हैं।
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इधर कांग्रेस की कमजोरी को दूर करने की कवायद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जरिये शुरू हुई। विधानसभा में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य, उपनेता भुवन कापड़ी, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित कई दिग्गज सक्रिय हैं। दोनों दलों की इन गतिविधियों से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
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15 फीसदी मैदानी क्षेत्र में 51 प्रतिशत वोट
टनकपुर (चंपावत)। अल्मोड़ा लोकसभा सीट में शामिल 14 विधानसभा सीटों में से चंपावत अकेली सीट है, जिसमें पहाड़ के साथ 15 प्रतिशत मैदानी क्षेत्र भी शामिल है। कुल 96213 मतदाताओं वाली इस सीट के मैदानी हिस्से टनकपुर-बनबसा में 48848 और पहाड़ में 47365 मतदाता हैं। नेपाल सीमा से 65 किमी भूभाग को छूने वाली चंपावत सीट के 85 प्रतिशत पहाड़ी क्षेत्र से 1463 वोट अधिक होने से इस सीट पर पिछले चुनाव तक जातिगत समीकरण की भी खासी भूमिका रहती थी।
चुनाव में मैदान की भूमिका अहम
मैदान के मतदेय स्थल 61, मतदाता 48848
पहाड़ के मतदेय स्थल 90, मतदाता 47365

चंपावत मोटर स्टेशन में चुनावी सभा में बोलते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : CHAMPAWAT