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बनबसा की आशा बनीं नेशनल वॉलीबाल कोच
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:14 PM IST
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वॉलीबाल कोच आशा
- फोटो : अमर उजाला
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बनबसा के पचपकरिया गांव की रहने वाली आशा पांडेय को नेशनल वॉलीबाल कोच का दर्जा प्राप्त हुआ है। उसने भारतीय खेल प्राधिकरण (एनआईएस) से इसी वर्ष वॉलीबाल कोच का डिप्लोमा प्राप्त किया है। एनएसआई के निदेशक रामचंद्रन राव ने उसे डिप्लोमा प्रमाण पत्र सौंपा। इन दिनों वो केविएस हैदराबाद और हैदराबाद स्पोर्ट्स एकेडमी में वॉलीबाल कोच के रूप में कार्यरत है।
बनबसा केे ग्राम पचपकरिया निवासी पूर्व फौजी गिरीश चंद्र पांडेय और बसंती देवी की पुत्री एक होनहार वॉलीबाल खिलाड़ी ही नहीं वरन कोच और ट्रेेनर भी है। बनबसा केवि क्रमांक एक से हाईस्कूल और इंटर करने के बाद आशा ने वर्ष 2014 में हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज से स्नातक किया। उसके बाद वर्ष 2015 में बीपीएड, वर्ष 2016 में एनआईएस से वॉलीबाल कोच का डिप्लोमा लिया। इसके अलावा वो उत्तराखंड की वॉलीबाल स्टेट रेफरी भी है। उत्तराखंड से नेशनल वॉलीबाल खिलाड़ी और महिला वॉलीबाल टीम की नेशनल चीफ कोच भी रह चुकी हैं।
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उसने बनबसा केेवि क्रमांक एक में हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई के दौरान कई बार वॉलीबाल में नेशनल प्रतियोगिता में सफलता हासिल की। वर्ष 2007-08 में बेस्ट एथलीट आफ स्कूल अवार्ड, चार बार उत्तराखंड स्टेट वॉलीबाल चैंपियनशिप गोल्ड मेडल, तीन बार साउथ जोन यूनिवर्सिटि गोल्ड, चार बार स्कूल नेशनल गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उसने अमर उजाला को बताया कि देश केे लिए अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी तैयार करना उसका मकसद है। इसके लिए समय-समय पर वो ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को खेलों से होने लाभ के बारे में जागरूक करती रहती हैं।
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