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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सक्रिय

Thu, 20 Apr 2017 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)।
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)। Updated Thu, 20 Apr 2017 11:47 PM IST
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Anti Human Trafficking Unit
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट - फोटो : अमर उजाला

बनबसा (चंपावत)। एसएसबी ने एक नेपाली युवती को गलत हाथों में पड़ने से बचाकर नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। एक अन्य महिला उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जा रही थी। बुधवार देर शाम एसएसबी 57वीं वाहिनी एफ कंपनी के असिस्टेंट कमांडेंट सुशील कुमार अहलावत के निर्देश पर अपनी बीओपी पर सघन चेकिंग अभियान पर थे। इसी बीच संदिग्धावस्था में एक महिला किसी नेपाली युवती को लेकर बनबसा को आ रही थी। एसएसबी महिला जवानों ने उन्हें रोक पूछताछ की तो वे सकपका गई।

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एसएसबी ने सीमा पर कार्य कर रही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कर्मियों, नेपाल पुलिस और नेपाली संस्था थ्री एंजिल कर्मियों को बुलाया। संयुक्त पूछताछ में प्रीतमपुरा नई दिल्ली निवासी महिला आशा नागरी ने नेपाल के शुक्ला फांटा कंचनपुर निवासी 25 वर्षीय नेपाली युवती को अपने साथ दिल्ली ले जाने की बात कबूली।
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नेपाली युवती ने बताया कि निर्धनता के चलते वो दिल्ली में काम दिलाने की बात पर उसके साथ चलने को तैयार हो गई थी। पूछताछ में महिला द्वारा नेपाली युवती को गलत नीयत से दिल्ली ले जाने का पता चला। एसएसबी ने दोनों महिलाओं को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान एएचटीयू के एचसी रवि जोशी, कांस्टेबल मुन्ना सिंह, नेपाल पुलिस के एचसी पद्मनाथ, थ्री एंजिल की बेलू नेपाली और एसएसबी की महिला कर्मी मौजूद थीं।
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बनबसा (चंपावत)। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कर्मियों ने दो घटनाओं में परिजनों से बिछुड़े नौ नेपाली किशोर उनके परिजनों को सौंप दिए। यह किशोर 10 से 15 वर्ष उम्र के थे। अपने परिजनों से 16 अप्रैल को बिछुड़े चार नेपाली किशोर एएचटीयू कर्मियों को मिले।

वे सभी कर्णाली जिले के रहने वाले थे, जो अपने परिजनों के साथ चाचा के पास चमोली गढ़वाल जा रहे थे। परिजनों का पता लगाकर एएचटीयू कर्मियों ने नेपाली किशोर उनके सुपुर्द कर दिए। 18 अप्रैल को नेपाल से भारत आते समय सेती अंचल निवासी पांच नेपाली किशोर अपने परिजनों से बिछुड़ गए थे।

वे परिजनों के साथ हल्द्वानी जा रहे थे। एएचटीयू कर्मियों ने उनके परिजनों का पता लगाया। परिजनों के पहुंचने पर किशोर उनको सौंप दिए गए। इस दौरान एएचटीयू प्रभारी एसआई मंजू पांडेय, एचसी लक्ष्मण चंद, रवि जोशी, कांस्टेबल मुन्ना सिंह, गणेश सिंह आदि थे।

बनबसा (चंपावत)। किशोरी को बहला-फुसला कर भगाने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि किशोरी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बनबसा निवासी एक व्यक्ति ने 14 मार्च को थाने में दी तहरीर में कहा था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। उसने उसे किसी गुप्त स्थान पर रखा है।

थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने बताया कि उक्त वादी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा-356 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच ट्रेनी एसआई अजय प्रकाश भट्ट को सौंपी गई थी। बृहस्पतिवार को उन्होंने खटीमा में किशोरी को किसी के साथ देखा तो उन्हें पकड़ लिया।


पूछताछ में पता चला कि सीतापुर के थाना खैराबाद निवासी संजय कुमार किशोरी को कहीं ले जाने की कोशिश में था। किशोरी अब तक उसके ही पास थी। पुलिस ने संजय कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 के अलावा पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया।

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