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अमर उजाला अपराजिता : बेटियों को मिले बेटों जैसा सम्मान
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चंपावत। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय डिग्री कॉलेज में हुए कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने कहा कि बेटियों को भी बेटों के समान सभी अधिकार मिलने चाहिए। प्राचार्या डॉ. प्रणीता नंद ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि अब भी ग्रामीण क्षेत्रों के साथ कुछ शहरी इलाकों में लड़के-लड़कियों में भेदभाव होता है। जागरूकता और बेटियों को प्रोत्साहित कर इस भेदभाव को मिटाया जा सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा दौर में बेटियां किसी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए हम सबको बेटियों को समान अधिकार देने की अपने घर से शुरुआत करनी होगी। डॉ. विवेक ने कहा कि बेटियों से ही घर संसार है, हमें हर क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. पीडी पंत, डॉ. रुचिता, भट्ट, डॉ. बीपी ओली, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. शेखर पांडेय, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जगदीप जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पारस महर, अंकित खर्कवाल, सागर सौन, मयंक मौनी सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
अपना हक लेने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ अधिकारों के दुरुपयोग से भी बचना होगा। - सपना भंडारी, छात्रा।
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हर व्यक्ति को महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए अपने घर से इसकी शुरुआत करनी होगी। घर से महिलाओं और बालिकाओं को सहयोग मिले, तो वे हर ऊंचाई छू सकती हैं। - शिवानी गोस्वामी, छात्रा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बेटियों को लेकर नकारात्मक नजरिया है। इसे बदले बगैर हमारा समाज समग्र और संतुलित विकास नहीं कर सकता। - दीपा देउपा, छात्रा, राजकीय महाविद्यालय, चंपावत।
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वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा दौर में बेटियां किसी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए हम सबको बेटियों को समान अधिकार देने की अपने घर से शुरुआत करनी होगी। डॉ. विवेक ने कहा कि बेटियों से ही घर संसार है, हमें हर क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. पीडी पंत, डॉ. रुचिता, भट्ट, डॉ. बीपी ओली, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. शेखर पांडेय, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जगदीप जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पारस महर, अंकित खर्कवाल, सागर सौन, मयंक मौनी सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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अपना हक लेने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ अधिकारों के दुरुपयोग से भी बचना होगा। - सपना भंडारी, छात्रा।
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हर व्यक्ति को महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए अपने घर से इसकी शुरुआत करनी होगी। घर से महिलाओं और बालिकाओं को सहयोग मिले, तो वे हर ऊंचाई छू सकती हैं। - शिवानी गोस्वामी, छात्रा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बेटियों को लेकर नकारात्मक नजरिया है। इसे बदले बगैर हमारा समाज समग्र और संतुलित विकास नहीं कर सकता। - दीपा देउपा, छात्रा, राजकीय महाविद्यालय, चंपावत।