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रखरखाव के अभाव में गौशाला बना अतिथिगृह
Champawat
Updated Sat, 04 May 2013 05:30 AM IST
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लोहाघाट। बाराहीधाम देवीधुरा में नवनिर्मित राजस्व अतिथिगृह रखरखाव के अभाव में गौशाला का रूप लेता जा रहा है। लगभग 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस अतिथिगृह का लोकार्पण गत वर्ष राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने किया था।
बाराहीधाम से लगभग एक किमी दूर स्थित इस अतिथिगृह में चहारदीवारी, पेयजल तथा विद्युत आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उद्घाटन के समय डीएम ने यहां रखरखाव के लिए किसी कर्मचारी को दायित्व देने की बात कही थी, लेकिन यह बात मंत्री के सामने तक ही सीमित रही। नतीजतन यह भव्य भवन वीरान होता जा रहा है। इसके शीशे आदि टूट चुके हैं।
बाराही मंदिर के पीठाचार्य कीर्ति शास्त्री तथा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह चम्याल, त्रिभुवन चम्याल, गिरीश सिंग्वाल, हयात सिंह बिष्ट, बिशन सिंह चम्याल, ग्राम प्रहरी जसौद सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि यहां के प्रमुख लोगों ने अतिथिगृह का निर्माण बाराही मंदिर के पिछले ढाल में करने की पहल की थी। जिससे अतिथिगृह का मंदिर कमेटी रखरखाव करती, लेकिन विभाग ने ऐसे स्थान में इसका निर्माण किया गया, जहां सुविधाओं के अभाव में कोई व्यक्ति नहीं रहना चाहता। फलस्वरूप 45 लाख रुपये बर्बादी के कगार में पहुंचते जा रहे हैं।
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बाराहीधाम से लगभग एक किमी दूर स्थित इस अतिथिगृह में चहारदीवारी, पेयजल तथा विद्युत आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उद्घाटन के समय डीएम ने यहां रखरखाव के लिए किसी कर्मचारी को दायित्व देने की बात कही थी, लेकिन यह बात मंत्री के सामने तक ही सीमित रही। नतीजतन यह भव्य भवन वीरान होता जा रहा है। इसके शीशे आदि टूट चुके हैं।
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बाराही मंदिर के पीठाचार्य कीर्ति शास्त्री तथा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह चम्याल, त्रिभुवन चम्याल, गिरीश सिंग्वाल, हयात सिंह बिष्ट, बिशन सिंह चम्याल, ग्राम प्रहरी जसौद सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि यहां के प्रमुख लोगों ने अतिथिगृह का निर्माण बाराही मंदिर के पिछले ढाल में करने की पहल की थी। जिससे अतिथिगृह का मंदिर कमेटी रखरखाव करती, लेकिन विभाग ने ऐसे स्थान में इसका निर्माण किया गया, जहां सुविधाओं के अभाव में कोई व्यक्ति नहीं रहना चाहता। फलस्वरूप 45 लाख रुपये बर्बादी के कगार में पहुंचते जा रहे हैं।
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