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बीएसएनएल संविदा कर्मियों के कार्यबहिष्कार से उपभोक्ता परेशान
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:56 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। पांच माह के वेतन और नए वेतनमान का भुगतान करने की मांग को लेकर बीएसएनएल संविदा कर्मी एक सप्ताह से कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लैंडलाइन और ब्राडबैंड कनेक्शन की शिकायतें दूर नहीं हो पा रही हैं।
एक कर्मी के अनुसार क्षेत्रवासियों की करीब 15 शिकायतें हैं, जिन्हें एक सप्ताह से दूर नहीं किया जा सका है। उधर बीओबी से स्ट्रांगफार्म तक केबल कटी होने से करीब 35 उपभोक्ताओं के कनेक्शन सात माह से बेकार पड़े हैं।
इनमें कई महत्वपूर्ण सरकारी महकमों के फोन भी शामिल हैं। बीएसएनएल के टनकपुर, बनबसा, खटीमा, सितारगंज और किच्छा के करीब दो दर्जन से अधिक संविदा कर्मी पांच माह का लंबित भुगतान, नए नियमों के तहत भुगतान और साप्ताहिक अवकाश की मांग को लेकर 28 अगस्त से कार्य बहिष्कार पर हैं। इस संबंध में उन्होंने बीएसएनएल के महाप्रबंधक को ज्ञापन भी भेजा था। इसमें बीएसएनएल से अनुबंधित मथुरा की लक्ष्मी इंटरप्राइजेज पर पिछले वर्ष दिसंबर से इस वर्ष मार्च तक के मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया गया है। बीएसएनएल के महाप्रबंधक एके राना का कहना है कि संविदा कर्मियों के लंबित भुगतान से निगम का कोई लेना-देना नहीं है। बीएसएनएल ठेकेदार को भुगतान करता है। संविदा कर्मियों के भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, जबकि बीएसएनएल के संविदा कर्मियों का कहना है कि वे बीएसएनएल के अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए बीएसएनएल का ही कार्य कर रहे हैं। निगम ने ही पुराने ठेकेदार का भुगतान नहीं किया है। कहा कि उनके लंबित भुगतान और नए वेतन को लागू करने की जिम्मेदारी बीएसएनएल की ही है।
एक कर्मी के अनुसार क्षेत्रवासियों की करीब 15 शिकायतें हैं, जिन्हें एक सप्ताह से दूर नहीं किया जा सका है। उधर बीओबी से स्ट्रांगफार्म तक केबल कटी होने से करीब 35 उपभोक्ताओं के कनेक्शन सात माह से बेकार पड़े हैं।
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इनमें कई महत्वपूर्ण सरकारी महकमों के फोन भी शामिल हैं। बीएसएनएल के टनकपुर, बनबसा, खटीमा, सितारगंज और किच्छा के करीब दो दर्जन से अधिक संविदा कर्मी पांच माह का लंबित भुगतान, नए नियमों के तहत भुगतान और साप्ताहिक अवकाश की मांग को लेकर 28 अगस्त से कार्य बहिष्कार पर हैं। इस संबंध में उन्होंने बीएसएनएल के महाप्रबंधक को ज्ञापन भी भेजा था। इसमें बीएसएनएल से अनुबंधित मथुरा की लक्ष्मी इंटरप्राइजेज पर पिछले वर्ष दिसंबर से इस वर्ष मार्च तक के मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया गया है। बीएसएनएल के महाप्रबंधक एके राना का कहना है कि संविदा कर्मियों के लंबित भुगतान से निगम का कोई लेना-देना नहीं है। बीएसएनएल ठेकेदार को भुगतान करता है। संविदा कर्मियों के भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, जबकि बीएसएनएल के संविदा कर्मियों का कहना है कि वे बीएसएनएल के अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए बीएसएनएल का ही कार्य कर रहे हैं। निगम ने ही पुराने ठेकेदार का भुगतान नहीं किया है। कहा कि उनके लंबित भुगतान और नए वेतन को लागू करने की जिम्मेदारी बीएसएनएल की ही है।
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