फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   9 family still Awasvihin Simli

सिमली तोक के 9 परिवार अब भी आवासविहीन

Fri, 01 Jul 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी (चंपावत) Updated Fri, 01 Jul 2016 10:43 PM IST
विज्ञापन

जिले में प्रशासन एक ओर आपदा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने में लगा है, वहीं दूसरी ओर 2011 में बादल फटने के बाद से मौनकांडा ग्राम पंचायत के सिमली तोक के 9 परिवार अब भी आवासविहीन हैं। आपदा के कारण नष्ट हुए मकान एवं खेतों के कारण से लोग दूसरों के घर-गौशालाओं में रहने को मजबूर हैं।

विज्ञापन


आपदा के पांच साल बीत जाने पर भी इन लोगों को विस्थापित नही किया जा सका है। गांव वालों का कहना है कि विस्थापन की सारी कागजी कार्रवाई होने के बाद भी प्रशासन के सुस्त रवैये से उन्हें अन्यत्र विस्थापित नही किया जा सका है। विस्थापन योजना के लिए प्रत्येक परिवार को 250 वर्ग फीट एवं पांच लाख रुपये भवन निर्माण के लिए देने की बात कही थी, परंतु ये सब कुछ अब भी धरातल पर नहीं आ सका है।
विज्ञापन


ग्राम पंचायत में उन लोगों को विस्थापित किया जाना था, जिसके लिए तत्कालीन भू वैज्ञानिक लेखराज ने सिमली के उस जगह को संवेदनशील बताते हुए रहने लायक नहीं बताया था, परंतु ये परिवार अब भी मजबूरीवश यहां रह रहे हैं। आपदा में प्रभावित नौ परिवारों में से तीन परिवार उसी स्थान पर रहने को मजबूर है। बाकी परिवार प्रशासन की उपेक्षा से अन्यत्र रहने को चले गए हैं, जिसमें से ललित राम अपने ससुराल राजपुरा चंपावत, पनीराम अपने ससुराल डसिया बरानी पाटी एवं गोपाल राम पाटी में मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों को पाल रहे है। बाकी के तीन परिवार गांव में ही दूसरों के मकान में रहने को मजबूर है। प्रभावित क्षेत्र में रह रहे तीनों परिवार खतरे की जद में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाटी की एसडीएम निर्मला बिष्ट ने कहा कि अभी जो लोग नदी और गाड़-गधेरो के किनारे बसे है, उनको शिफ्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। सिमली के प्रभावित गोपाल राम, महेंद्र राम, मदन राम, खुशाल राम, गणेश राम, भवान राम, ललित राम, पनीराम, दलीप राम ने उन्हें जल्द ही चयनित जगह पर विस्थापित करने की मांग की है।


आपदाग्रस्त इलाकों के लिए बन रही है कार्ययोजना
इस साल आठ मई को हुई भारी वर्षा से बाराकोट विकासखंड के बैड़ाओड़ ग्राम पंचायत के सिमली तोक में लोगों के उपजाऊ खेत मलबे में दब गए। आपदा के लिहाज से संवेदनशील इस तोक के लोगों ने सुरक्षा दिलाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए कार्ययोजना बनाकर उसमें काम शुरू करा दिया गया है।

प्रशासन ने नौलीगेर गधेरे में 150 मीटर चैकडेम का निर्माण मनरेगा, झिझाड़ गधेरे में 300 मीटर चैकडेम का निर्माण कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग लोहाघाट, अति संवेदनशील क्षेत्र झिझाड़ तोक में 80 मीटर चैकडेम का निर्माण सिंचाई विभाग लोहाघाट, सड़क से नीचे प्रभावित हिस्से में 130 मीटर सुरक्षा दीवार बनाने की कार्ययोजना बनाई गई थी।

ग्राम प्रधान बलदेव प्रसाद का कहना है कि सिंचाई विभाग एवं मनरेगा से गांव में कार्य किए जा रहे हैं। एसडीएम सीएस डोबाल का कहना है कि विकासखंड बाराकोट द्वारा मनरेगा एवं सिंचाई विभाग द्वारा निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। अधिकारियों को शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।


वैसे 2009 में चमनपुर बैड़ाओडवाल में बादल फटने से क्षेत्र के उपजाऊ खेत बर्बाद हो गए थे। इसके बाद से यहां पलायन शुरू कर दिया। इस वक्त यहां आर्थिक रूप से कमजोर शेखरानंद जोशी, गंगा देवी, मंजू जोशी, अंबादत्त सहित दस परिवार ही रह रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed