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7402 परिवार लकड़ी, केरोसिन पर पकाते हैं खाना
योगेश जोशी, चंपावत
Updated Sun, 12 Jun 2016 10:35 PM IST
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7402 परिवार लकड़ी, केरोसिन पर पकाते हैं खाना
- फोटो : अमर उजाला
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मनरेगा और खाद्य सुरक्षा के बाद हर व्यक्ति को भोजन का अधिकार की चर्चा चल रही है, मगर खाना बनाने को हर परिवार के पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं है। चंपावत जिले में ही हजारों ऐसे परिवार हैं, जिनके पास दो जून की रोटी बनाने को चूल्हे की व्यवस्था नहीं है। रसोई गैस कनेक्शन को तरस रहे ये अधिकांश परिवार दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के हैं। ये लोग अपना खाना लकड़ी के चूल्हे या केरोसिन के सहारे बना पाते हैं।
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गैस कनेक्शन से वंचित तल्लादेश की जानकी देवी लकड़ी में खाना बनाती हैं। जिले में 7402 परिवारों के पास गैस कनेक्शन नहीं है। पूर्ति विभाग के मुताबिक जिले में एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के 52026 राशनकार्डधारक हैं, लेकिन गैस कनेक्शन धारकों की संख्या मई तक 44624 है। गैस कनेक्शन से वंचित परिवारों के पास भोजन बनाने के लिए कायदे का साधन नहीं है।
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कनेक्शन नहीं होने की ज्यादातर लोगों की वजह आर्थिक तंगी है। इसके अलावा गैस वितरण केंद्रों की संख्या की कमी दूसरा कारण है। तल्लादेश, गुमदेश, क्वैराला घाटी, तल्लापाल, लधिया घाटी आदि क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए आधुनिक सुविधायुक्त गैस चूल्हा अब भी सपना है।
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लकड़ी के चूल्हे से दमा, फेफड़ों में इंफेक्शन, आंखों में जलन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं केरोसिन का इस्तेमाल करने वाले को एलर्जी के अलावा दमा की आशंका रहती है। इन रोगों से ग्रस्त काफी मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से वायु प्रदूषण का खतरा भी है। -डा.आरपी खंडूरी, वरिष्ठ डॉक्टर, जिला अस्पताल, चंपावत।
सिलेंडर के लिए करते हैं 124 किमी की लौटा-फेरी
पांच तहसील वाले चंपावत जिले में गैस वितरण केंद्रों की संख्या चार है। राज्य बनने के बाद भी यहां कोई नया वितरण केंद्र नहीं बन सका। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर नए गैस केंद्रों की आवाज लगातार उठाई जाती रही है। इस वजह से श्रीरीठा साहिब, भिंगराड़ा, पंचेश्वर, तामली, वैला जैसे कई गांव हैं, जहां के लोगों को भारी असुविधा होती है। लधिया क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भवान सिंह का कहना है कि श्रीरीठा साहिब क्षेत्र के उपभोक्ताओं का गैस केंद्र 62 किलोमीटर दूर लोहाघाट हैं। गैस वितरण का वाहन भी महीने में कभी-कभार ही रोड वाले इलाकों में पहुंचता है।
अब नजरें उज्ज्वला योजना पर
चंपावत ब्लॉक में 2008 में 7259 बीपीएल परिवारों को प्रदेश सरकार ने निशुल्क गैस कनेक्शन दिए थे। इसके बावजूद जिले में अभी 7402 परिवार गैस कनेक्शन रहित हैं। अब ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना नई संभावना है। चंपावत गैस वितरण केंद्र के प्रभारी प्रदीप कार्की का कहना है कि फिलहाल इस योजना के तहत मात्र एक आवेदन प्राप्त हुआ है। योजना के तहत आवेदक को 1400 रुपये की धरोहर धनराशि नहीं देनी होगी।
जिले के गैस केंद्र घरेलू गैस कनेक्शन
चंपावत 12005
लोहाघाट 14995
देवीधुरा 1350
टनकपुर 16274
कुल गैस कनेक्शनधारक 44624