{"_id":"5b1822234f1c1bf96e8b6bd5","slug":"61528308259-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत से हार गया लाइनमैन, दिल्ली में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत से हार गया लाइनमैन, दिल्ली में मौत
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। करंट से झुलसा उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) चंपावत का लाइनमैन जिंदगी की जंग हार गया। बुधवार को उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनके शव को दिल्ली से उनके गांव लाया जा रहा है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बेलखेत में बिजली लाइन में काम करते समय 31 मई को स्वयं सहायता समूह से तैनात लाइनमैन बड़ोली निवासी प्रेम बल्लभ भट्ट (50) पुत्र चूड़ामणि भट्ट करंट लगने से पोल से नीचे गिरकर बुरी तरह घायल हो गया था। मृतक के रिश्तेदार रमेश चंद्र थ्वाल ने बताया कि टनकपुर के बाद हल्द्वानी और फिर हल्द्वानी से दिल्ली अस्पताल ले जाया गया। मगर बुधवार को लाइनमैन की मौत हो गई।
चंपावत के जूनियर इंजीनियर रमेश चंद्र पंत ने बताया कि प्रेम बल्लभ भट्ट शव को दिल्ली से बड़ोली लाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। संविदा में तैनाती होने के चलते मृतक के परिजनों को स्थायी कर्मचारी वाले लाभ (मुआवजा व मृतक आश्रित को नौकरी) नहीं मिल सकेगा। अलबत्ता उनके परिजनों को चार लाख रुपये का बीमा लाभ मिलेगा।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बेलखेत में बिजली लाइन में काम करते समय 31 मई को स्वयं सहायता समूह से तैनात लाइनमैन बड़ोली निवासी प्रेम बल्लभ भट्ट (50) पुत्र चूड़ामणि भट्ट करंट लगने से पोल से नीचे गिरकर बुरी तरह घायल हो गया था। मृतक के रिश्तेदार रमेश चंद्र थ्वाल ने बताया कि टनकपुर के बाद हल्द्वानी और फिर हल्द्वानी से दिल्ली अस्पताल ले जाया गया। मगर बुधवार को लाइनमैन की मौत हो गई।
विज्ञापन
चंपावत के जूनियर इंजीनियर रमेश चंद्र पंत ने बताया कि प्रेम बल्लभ भट्ट शव को दिल्ली से बड़ोली लाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। संविदा में तैनाती होने के चलते मृतक के परिजनों को स्थायी कर्मचारी वाले लाभ (मुआवजा व मृतक आश्रित को नौकरी) नहीं मिल सकेगा। अलबत्ता उनके परिजनों को चार लाख रुपये का बीमा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन