{"_id":"59bc10ea4f1c1b8e688b4b5a","slug":"51505497322-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पहाड़ चढ़े उत्पाती हाथी, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पहाड़ चढ़े उत्पाती हाथी, दहशत
Updated Fri, 15 Sep 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। जंगल से लगे मैदानी गांवों के बाद अब हाथी पहाड़ भी चढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार रात टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर किरोड़ा पुल से तीन किलोमीटर आगे स्थित बस्तिया में घुसे एक हाथी ने ग्रामीणों की आधा एकड़ से ज्यादा जमीन में लगी धान और अरबी की फसल तबाह कर दी। यह हाथी करीब तीन घंटे तक ग्रामीणों के खेतों में मंडराता रहा। गांव में हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत बनी है। वन विभाग की टीम ने खेतों का निरीक्षण की क्षति का आकलन किया है।
बस्तिया गांव में लोगों को अभी बाघ के आतंक से निजात नहीं मिल पाई थी कि गांव में अब हाथी ने दस्तक देकर उनकी नींद उड़ा दी है। अब तक जंगल से लगे मैदानी गांवों के उत्पात मचा रहे हाथी अब पहाड़ के गांवों में भी चढ़ने लगे हैं। बस्तिया की पूर्व ग्राम प्रधान सरोज देवी ने बताया कि झुंड से बिछड़ा एक हाथी बृहस्पतिवार रात करीब ग्यारह बजे गांव में घुस गया। तड़के ढाई बजे तक यह हाथी लोगों के खेतों में ही मंडराता रहा। हाथी ने गंगा दत्त जोशी, हरी दत्त जोशी, अंबा दत्त जोशी व नारायण दत्त जोशी की करीब आधा एकड़ लगी धान और अरबी की फसल तबाह कर दी।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने का प्रयास किया। तड़के ढाई बजे यह खुद ही जंगल की ओर चला गया। हाथी के गांव में घुसने से भयभीत ग्रामीणों को पूरी रात जागकर काटनी पड़ी। ग्राम प्रधान नवीन सिंह बोहरा, ब्लाक प्रमुख पुष्पा सकारी, समाजसेवी हरीश लापड़ आदि ने वन विभाग और प्रशासन से ग्रामीणों को हाथी व अन्य वन्यजीवों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि किरोड़ा पुल से करीब तीन किलोमीटर आगे पहाड़ में बसे इस गांव में पहले हाथी आकर किसानों की सफल तबाह कर चुके हैं।
विज्ञापन
बाघ पकड़ने को जंगल में लगाए पिंजरे हाथियों ने तोड़े
टनकपुर। चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के बस्तिया बीट के जंगल में बाघ को पकड़ने के लिए लगाए दो पिंजरों को भी हाथियों के झुंड ने तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर किया है। विभाग ने इनमें से एक मरम्मत कराकर इसे फिर जंगल में लगा दिया है। बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके महरा ने बताया कि गत दिनों हाथियों ने जंगल में लगाए दो पिंजरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था, इनमें से एक पिंजरे की मरम्मत करा फिर जंगल में लगा दिया है, जबकि दूसरे पिंजरे को मरम्मत के लिए भेजा गया है।
बस्तिया गांव में लोगों को अभी बाघ के आतंक से निजात नहीं मिल पाई थी कि गांव में अब हाथी ने दस्तक देकर उनकी नींद उड़ा दी है। अब तक जंगल से लगे मैदानी गांवों के उत्पात मचा रहे हाथी अब पहाड़ के गांवों में भी चढ़ने लगे हैं। बस्तिया की पूर्व ग्राम प्रधान सरोज देवी ने बताया कि झुंड से बिछड़ा एक हाथी बृहस्पतिवार रात करीब ग्यारह बजे गांव में घुस गया। तड़के ढाई बजे तक यह हाथी लोगों के खेतों में ही मंडराता रहा। हाथी ने गंगा दत्त जोशी, हरी दत्त जोशी, अंबा दत्त जोशी व नारायण दत्त जोशी की करीब आधा एकड़ लगी धान और अरबी की फसल तबाह कर दी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने का प्रयास किया। तड़के ढाई बजे यह खुद ही जंगल की ओर चला गया। हाथी के गांव में घुसने से भयभीत ग्रामीणों को पूरी रात जागकर काटनी पड़ी। ग्राम प्रधान नवीन सिंह बोहरा, ब्लाक प्रमुख पुष्पा सकारी, समाजसेवी हरीश लापड़ आदि ने वन विभाग और प्रशासन से ग्रामीणों को हाथी व अन्य वन्यजीवों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि किरोड़ा पुल से करीब तीन किलोमीटर आगे पहाड़ में बसे इस गांव में पहले हाथी आकर किसानों की सफल तबाह कर चुके हैं।
विज्ञापन
बाघ पकड़ने को जंगल में लगाए पिंजरे हाथियों ने तोड़े
टनकपुर। चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के बस्तिया बीट के जंगल में बाघ को पकड़ने के लिए लगाए दो पिंजरों को भी हाथियों के झुंड ने तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर किया है। विभाग ने इनमें से एक मरम्मत कराकर इसे फिर जंगल में लगा दिया है। बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके महरा ने बताया कि गत दिनों हाथियों ने जंगल में लगाए दो पिंजरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था, इनमें से एक पिंजरे की मरम्मत करा फिर जंगल में लगा दिया है, जबकि दूसरे पिंजरे को मरम्मत के लिए भेजा गया है।