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Uttarakhand: चंपावत में बारिश का कहर, मलबा आने से सड़क बंद; 45 यात्रियों ने पालिका के रैन बसेरे में गुजारी रात
Mon, 08 Jul 2024 02:46 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
Published by: हीरा मेहरा
Updated Mon, 08 Jul 2024 02:46 PM IST
सार
शनिवार शाम पिथौरागढ़ से दिल्ली जा रही रोडवेज की दो बसें भी फंस गईं। इनमें सवार 45 यात्रियों ने नगर पालिका के रैन बसेरे में रात गुजारी।
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चंपावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंपावत में बीते दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश से हाईवे पर स्वांला के पास भारी मात्रा में मलबा आने से यात्रियों की दिक्कत बढ़ गई है। शनिवार शाम पिथौरागढ़ से दिल्ली जा रही रोडवेज की दो बसें भी फंस गईं। इनमें सवार 45 यात्रियों ने नगर पालिका के रैन बसेरे में रात गुजारी।
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सूचना पर तहसीलदार जगदीश नेगी के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक पुष्कर नाथ, अमित सिपाल, ईओ अशोक कुमार वर्मा, चंद्रशेखर पंत, प्रदीप भट्ट, मदन कुमार, गोपाल नाथ, सचिन गड़कोटी आदि ने यात्रियों के ठहरने के लिए पालिका के रैन बसेरा और बरातघर में व्यवस्थाएं कीं। यात्रियों को भोजन कराया। रविवार सुबह भी बारिश के नहीं थमने और एनएच के नहीं खुलने से 30 से अधिक यात्रियों को लोहाघाट डिपो की बस से हल्द्वानी भेजा गया जबकि पांच यात्री पिथौरागढ़ को रवाना हुए। इस दौरान पूर्व सभासद रोहित बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास साह, मयूख चौधरी, पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, रविंद्र तड़ागी आदि व्यापारी और जनप्रतिनिधियों ने यात्रियों की मदद की।
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सेना के जवानों ने आला अधिकारियों को दी रास्ता बंद होने की सूचना
चंपावत के स्वांला क्षेत्र में देर शाम फंसे यात्रियों ने बताया कि मशीनें लगाकर यातायात सुचारु करने के प्रयास तो किए जा रहे हैं लेकिन बारिश के चलते मलबा लगातार बार-बार गिर रहा है। जब देर रात मलबा नहीं हट पाया तो प्रशासन ने उन्हें वापस चंपावत भेज दिया। वायु सेना में चंडीगढ़ में तैनात जवान ने बताया कि बारिश से मार्ग बंद होने की सूचना उन्होंने आला अधिकारियों को देकर अवकाश एक हफ्ते के लिए बढ़ा लिया है जबकि कुमाऊं रेजीमेंट में कार्यरत जवानों ने बताया कि वह चंपावत में रहकर बारिश के रुकने का इंतजार करेंगे। मौसम साफ होने पर आगे रवाना होंगे।
रीठासाहिब क्षेत्र का संपर्क कटा, सड़क जगह-जगह बंद
रीठा साहिब क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। बारिश से सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। रीठा साहिब-सुखीढांग मोटर मार्ग भी जगह-जगह बंद है। रीठा साहिब-परेवा बिनवाल गांव, रीठा साहिब- मिडार, सूखीढांग-पदमपुर मार्ग भी बारिश के चलते बंद है। सड़कें बंद होने से तीर्थयात्री गुरुद्वारा में ठहरे हैं। बस स्टेशन से रीठा साहिब गुरुद्वारा तक जगह-जगह मार्ग क्षतिग्रस्त होने से तीर्थ यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बनबसा बैराज पर दूसरे दिन भी ठप रहा वाहनों का संचालन
पहाड़ों में हुई वर्षा से बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी से रविवार को दूसरे दिन भी बनबसा बैराज पर वाहनों का संचालन बंद रहा। रविवार को दोपहर 12 बजे बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर सर्वाधिक 1,66,160 क्यूसेक रहा। शाम चार बजे शारदा नदी का जलस्तर 185450 क्यूसेक, पांच बजे नदी का जलस्तर इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक 212560 क्यूसेक पहुंच गया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर वाहनों का संचालन शुरू होगा। उन्होंने बैराज प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मां पूर्णागिरि धाम में तीसरे दिन फिर पैदल मार्ग बंद
मां पूर्णागिरि धाम में काली मंदिर से आगे पैदल मार्ग फिर मलबा आने से बंद हो गया है। लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे फिर पैदल मार्ग पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है। शांति विश्राम गृह के पास मलबा आने पर पास के दुकान स्वामी सेलागाड़ निवासी हरीश पांडे और दो अन्य लोगों को नोटिस देकर सुरिक्षत स्थान पर जाने को कहा है। इस बीच सिद्धमोड़ के पास भी हल्का मलबा आ रहा है। एएसआई कपूर सिंह पाल, राकेश मुरारी ने मौका मुआयना किया। इस बीच मंदिर के कपाट बंद रहे।
लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर
चंपावत में लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। चंपावत जिले के बेलखेत में लधिया और क्वैराल नदी के तेज बहाव से कृषि भूमि और नदी तट के पास मकान खतरे की जद में आ गए हैं। नदियों के उफनाने से भू-कटाव का खतरा बढ़ गया है। प्रधान ग्राम पंचायत दियूरी बालम सिंह बोहरा ने बताया कि ग्राम पंचायत के बेलखेत गांव के सुरक्षात्मक कार्य के लिए कई बार सिंचाई विभाग, मुख्यमंत्री और डीएम के समक्ष प्रस्ताव दिए गए लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सिंचाई विभाग से सिर्फ आश्वासन देता रहा। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
चंपावत के स्वांला क्षेत्र में देर शाम फंसे यात्रियों ने बताया कि मशीनें लगाकर यातायात सुचारु करने के प्रयास तो किए जा रहे हैं लेकिन बारिश के चलते मलबा लगातार बार-बार गिर रहा है। जब देर रात मलबा नहीं हट पाया तो प्रशासन ने उन्हें वापस चंपावत भेज दिया। वायु सेना में चंडीगढ़ में तैनात जवान ने बताया कि बारिश से मार्ग बंद होने की सूचना उन्होंने आला अधिकारियों को देकर अवकाश एक हफ्ते के लिए बढ़ा लिया है जबकि कुमाऊं रेजीमेंट में कार्यरत जवानों ने बताया कि वह चंपावत में रहकर बारिश के रुकने का इंतजार करेंगे। मौसम साफ होने पर आगे रवाना होंगे।
रीठासाहिब क्षेत्र का संपर्क कटा, सड़क जगह-जगह बंद
रीठा साहिब क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। बारिश से सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। रीठा साहिब-सुखीढांग मोटर मार्ग भी जगह-जगह बंद है। रीठा साहिब-परेवा बिनवाल गांव, रीठा साहिब- मिडार, सूखीढांग-पदमपुर मार्ग भी बारिश के चलते बंद है। सड़कें बंद होने से तीर्थयात्री गुरुद्वारा में ठहरे हैं। बस स्टेशन से रीठा साहिब गुरुद्वारा तक जगह-जगह मार्ग क्षतिग्रस्त होने से तीर्थ यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बनबसा बैराज पर दूसरे दिन भी ठप रहा वाहनों का संचालन
पहाड़ों में हुई वर्षा से बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी से रविवार को दूसरे दिन भी बनबसा बैराज पर वाहनों का संचालन बंद रहा। रविवार को दोपहर 12 बजे बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर सर्वाधिक 1,66,160 क्यूसेक रहा। शाम चार बजे शारदा नदी का जलस्तर 185450 क्यूसेक, पांच बजे नदी का जलस्तर इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक 212560 क्यूसेक पहुंच गया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर वाहनों का संचालन शुरू होगा। उन्होंने बैराज प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मां पूर्णागिरि धाम में तीसरे दिन फिर पैदल मार्ग बंद
मां पूर्णागिरि धाम में काली मंदिर से आगे पैदल मार्ग फिर मलबा आने से बंद हो गया है। लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे फिर पैदल मार्ग पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है। शांति विश्राम गृह के पास मलबा आने पर पास के दुकान स्वामी सेलागाड़ निवासी हरीश पांडे और दो अन्य लोगों को नोटिस देकर सुरिक्षत स्थान पर जाने को कहा है। इस बीच सिद्धमोड़ के पास भी हल्का मलबा आ रहा है। एएसआई कपूर सिंह पाल, राकेश मुरारी ने मौका मुआयना किया। इस बीच मंदिर के कपाट बंद रहे।
लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर
चंपावत में लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। चंपावत जिले के बेलखेत में लधिया और क्वैराल नदी के तेज बहाव से कृषि भूमि और नदी तट के पास मकान खतरे की जद में आ गए हैं। नदियों के उफनाने से भू-कटाव का खतरा बढ़ गया है। प्रधान ग्राम पंचायत दियूरी बालम सिंह बोहरा ने बताया कि ग्राम पंचायत के बेलखेत गांव के सुरक्षात्मक कार्य के लिए कई बार सिंचाई विभाग, मुख्यमंत्री और डीएम के समक्ष प्रस्ताव दिए गए लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सिंचाई विभाग से सिर्फ आश्वासन देता रहा। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ में आया भारी मलबा, दिन भर रहा मार्ग बंद
पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ में बरसात के बीच भारी मलबा से मार्ग करीब 18 घंटे से अधिक समय से बंद है। लोनिवि की ओर से जेसीबी निरंतर मलबा हटाकर यातायात को सुचारु कर रही है। लोनिवि के अनुसार शनिवार रात करीब 11 बजे बाटनागाड़ में पानी के साथ भारी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। रविवार को भी दिन भर मलबा आने का क्रम जारी रहा। बारिश और मलबा आने से मार्ग खोलने का कार्य प्रभावित हो रहा है। शाम तक मलबा आने का क्रम जारी था।
मलबा और बारिश ने लगाया जनजीवन पर ब्रेक
चंपावत जिले में बीते चार जुलाई से बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में 179 एमएम बारिश ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे छह जुलाई शाम छह बजे से बंद है। इधर प्रशासन ने लोगों से बारिश में सफर न करने की अपील की है।
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत-179 मिमी
बनबसा- 104 मिमी
लोहाघाट-41.50 मिमी
पाटी-30 मिमी
आंतरिक रास्तों पर बह रहा नालियों का पानी
पिथौरागढ़ जिले में विगत चार दिनों से बारिश आफत बनी है। लगातार बारिश से सड़क किनारे बने नालियों के बंद होने से सड़क पर पानी बह रहा है। धारचूला रोड़ सिल्थाम से ग्रिफ बैंड तक नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है।
वहीं गंगा निवास से रई पुल पर निकलने वाले आंतरिक रास्ते पर लंबे समय से पानी बह रहा है। स्थानीय रमेश धामी ने बताया कि रास्ते पर नालियों का पानी बह रहा है। इससे पैदल चलने में काफी परेशानी हो रही है। दो दिन से रास्ता बदलकर सड़क से लंबी दूरी तय कर घर तक पहुंचना पड़ रहा है। लोगों ने नगरपालिका से जलभराव से निजात दिलाने की मांग की है।
पालिका की व्यवस्थाएं हुईं पानी-पानी
टनकपुर क्षेत्र में दिन भर बरसात का क्रम जारी रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जगह-जगह जलभराव से लोग बेहाल रहे। पालिका और सिंचाई विभाग की टीमों पानी निकासी में जुटी रही। कई जगहां पर देर शाम तक जलभराव था। रविवार को दिन भर का क्रम तेज रहने से पीलीभीत चुंगी, रोडवेज कार्यशाला, बिचई, आमबाग के एक हिस्से, शास्त्री प्रतिमा के पास समेत कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पालिका ईओ बीपी जोशी ने बताया कि जलभराव से निजात के लिए आमबाग के साथ कई स्थानों पर पानी निकासी के लिए जेसीबी लगाई गई।
पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ में बरसात के बीच भारी मलबा से मार्ग करीब 18 घंटे से अधिक समय से बंद है। लोनिवि की ओर से जेसीबी निरंतर मलबा हटाकर यातायात को सुचारु कर रही है। लोनिवि के अनुसार शनिवार रात करीब 11 बजे बाटनागाड़ में पानी के साथ भारी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। रविवार को भी दिन भर मलबा आने का क्रम जारी रहा। बारिश और मलबा आने से मार्ग खोलने का कार्य प्रभावित हो रहा है। शाम तक मलबा आने का क्रम जारी था।
मलबा और बारिश ने लगाया जनजीवन पर ब्रेक
चंपावत जिले में बीते चार जुलाई से बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में 179 एमएम बारिश ने व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे छह जुलाई शाम छह बजे से बंद है। इधर प्रशासन ने लोगों से बारिश में सफर न करने की अपील की है।
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत-179 मिमी
बनबसा- 104 मिमी
लोहाघाट-41.50 मिमी
पाटी-30 मिमी
आंतरिक रास्तों पर बह रहा नालियों का पानी
पिथौरागढ़ जिले में विगत चार दिनों से बारिश आफत बनी है। लगातार बारिश से सड़क किनारे बने नालियों के बंद होने से सड़क पर पानी बह रहा है। धारचूला रोड़ सिल्थाम से ग्रिफ बैंड तक नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है।
वहीं गंगा निवास से रई पुल पर निकलने वाले आंतरिक रास्ते पर लंबे समय से पानी बह रहा है। स्थानीय रमेश धामी ने बताया कि रास्ते पर नालियों का पानी बह रहा है। इससे पैदल चलने में काफी परेशानी हो रही है। दो दिन से रास्ता बदलकर सड़क से लंबी दूरी तय कर घर तक पहुंचना पड़ रहा है। लोगों ने नगरपालिका से जलभराव से निजात दिलाने की मांग की है।
पालिका की व्यवस्थाएं हुईं पानी-पानी
टनकपुर क्षेत्र में दिन भर बरसात का क्रम जारी रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जगह-जगह जलभराव से लोग बेहाल रहे। पालिका और सिंचाई विभाग की टीमों पानी निकासी में जुटी रही। कई जगहां पर देर शाम तक जलभराव था। रविवार को दिन भर का क्रम तेज रहने से पीलीभीत चुंगी, रोडवेज कार्यशाला, बिचई, आमबाग के एक हिस्से, शास्त्री प्रतिमा के पास समेत कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पालिका ईओ बीपी जोशी ने बताया कि जलभराव से निजात के लिए आमबाग के साथ कई स्थानों पर पानी निकासी के लिए जेसीबी लगाई गई।
भारी बारिश से मकान पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचे लोग
लोहाघाट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रविवार को डाक बंगले के पास राजू वाल्मीकि के मकान में देवदार का पेड़ गिर गया, जिससे घर के अंदर बैठे लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं एसएसबी कैंप के पास और देवीधुरा मार्ग पर पेड़ गिर गए। इधर, पाटी तहसील परिसर में भी भारी भरकम पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने की सूचना पर अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने पेड़ों को हटाया। टीम में जगदीश तिलाड़ा, राजेश कार्की, नीरज राणा, सुनील जोशी, राजेंद्र जोशी, हेम चंद्र, अनवर अली, पारस वर्मा, कुंदन गिरी रहे।
सुबह से बारिश, बाजार में पसरा सन्नाटा
चंपावत। बारिश से मुख्य बाजारों में रविवार को दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। एनएच समेत ग्रामीण सड़क मार्ग बंद होने से वाहनों की आवाजाही कम रही। चंपावत में यात्रियों से भरे रहना वाले रोडवेज स्टेशन में सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन रोड पर भी टैक्सी वाहनों की भीड़-भाड़ कम रही। लोहाघाट, बाराकोट, पुल्ला, खेतीखान और पाटी बाजारों में भी बारिश के चलते सन्नाटा पसरा रहा। लोग व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से मौसम को लेकर जानकारी लेते रहे। कहा कितना नुकसान हो रहा है, इस पर भी अपने-अपने क्षेत्रों वीडियो और फोटो साझा करते रहे।
लोहाघाट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रविवार को डाक बंगले के पास राजू वाल्मीकि के मकान में देवदार का पेड़ गिर गया, जिससे घर के अंदर बैठे लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं एसएसबी कैंप के पास और देवीधुरा मार्ग पर पेड़ गिर गए। इधर, पाटी तहसील परिसर में भी भारी भरकम पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने की सूचना पर अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने पेड़ों को हटाया। टीम में जगदीश तिलाड़ा, राजेश कार्की, नीरज राणा, सुनील जोशी, राजेंद्र जोशी, हेम चंद्र, अनवर अली, पारस वर्मा, कुंदन गिरी रहे।
सुबह से बारिश, बाजार में पसरा सन्नाटा
चंपावत। बारिश से मुख्य बाजारों में रविवार को दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। एनएच समेत ग्रामीण सड़क मार्ग बंद होने से वाहनों की आवाजाही कम रही। चंपावत में यात्रियों से भरे रहना वाले रोडवेज स्टेशन में सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन रोड पर भी टैक्सी वाहनों की भीड़-भाड़ कम रही। लोहाघाट, बाराकोट, पुल्ला, खेतीखान और पाटी बाजारों में भी बारिश के चलते सन्नाटा पसरा रहा। लोग व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से मौसम को लेकर जानकारी लेते रहे। कहा कितना नुकसान हो रहा है, इस पर भी अपने-अपने क्षेत्रों वीडियो और फोटो साझा करते रहे।
जलभराव से बनबसा में कई जगह हुआ जलभराव
बनबसा में लगातार हो रही वर्षा से क्षेत्र में जगह जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई। बमनपुरी स्थित स्ट्रांग फार्म में कई बीघा भूमि पर धान की फसल जलमग्न हो गई। चंदनी, भजनपुर, फागपुर, बमनपुरी, पचपकरिया, देवीपुरा, चंद फार्म, देशी फार्म, चूनाभट्टा गांव के अलावा मीना बाजार, संतोष काॅलोनी में जगह जगह जल भराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर अधिक जलभराव से लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाए। अनाथालय और स्कूल का मार्ग पर भी जलभराव हो गया। क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली बरसाती हुड्डी नदी में भी उफान पर है। एसडीएम के निर्देश पर एनएच किनारे बंद नालों को जेसीबी से खुलवाया।
मौसम करवट बदलने से आग का सहारा लेने लगे लोग
लोहाघाट, चंपावत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया। एक ओर जहां एक सप्ताह पूर्व भीषण गर्मी से लोग परेशान थे, वहीं अब ठंड से बचने के लिए आग और ऊनी वस्त्रों का सहारा ले रहे है। लड़ीधुरा शैक्षिक और सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि 15 दिन पूर्व इस बार पहाड़ भी मैदानों की तर्ज पर गर्म हो गए थे, इससे लोगों ने इस बार अपने घरों में पंखे, कूलर आदि लगाए, लेकिन मौसम ने करवट ली लगातार बारिश ने फिर से पहाड़ को अपने रंग में ले लिया है, इससे लोग फिर से रात को रजाई ओढ़कर सो रहे हैं। यहां तक कि आग सेंकने की भी नौबत आ गई है। चंपावत में लगातार हो रही बारिश के बाद अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री पहुंच गया है। ठंड बढ़ने से लोगों ने गरम कपड़े पहनना शुरू कर दिया है।
बनबसा में लगातार हो रही वर्षा से क्षेत्र में जगह जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई। बमनपुरी स्थित स्ट्रांग फार्म में कई बीघा भूमि पर धान की फसल जलमग्न हो गई। चंदनी, भजनपुर, फागपुर, बमनपुरी, पचपकरिया, देवीपुरा, चंद फार्म, देशी फार्म, चूनाभट्टा गांव के अलावा मीना बाजार, संतोष काॅलोनी में जगह जगह जल भराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर अधिक जलभराव से लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाए। अनाथालय और स्कूल का मार्ग पर भी जलभराव हो गया। क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली बरसाती हुड्डी नदी में भी उफान पर है। एसडीएम के निर्देश पर एनएच किनारे बंद नालों को जेसीबी से खुलवाया।
मौसम करवट बदलने से आग का सहारा लेने लगे लोग
लोहाघाट, चंपावत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया। एक ओर जहां एक सप्ताह पूर्व भीषण गर्मी से लोग परेशान थे, वहीं अब ठंड से बचने के लिए आग और ऊनी वस्त्रों का सहारा ले रहे है। लड़ीधुरा शैक्षिक और सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि 15 दिन पूर्व इस बार पहाड़ भी मैदानों की तर्ज पर गर्म हो गए थे, इससे लोगों ने इस बार अपने घरों में पंखे, कूलर आदि लगाए, लेकिन मौसम ने करवट ली लगातार बारिश ने फिर से पहाड़ को अपने रंग में ले लिया है, इससे लोग फिर से रात को रजाई ओढ़कर सो रहे हैं। यहां तक कि आग सेंकने की भी नौबत आ गई है। चंपावत में लगातार हो रही बारिश के बाद अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री पहुंच गया है। ठंड बढ़ने से लोगों ने गरम कपड़े पहनना शुरू कर दिया है।