{"_id":"5c23a21ebdec2256fa268b77","slug":"201545839134-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी वाहनों को हरी झंडी देने से भड़के रोडवेज कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी वाहनों को हरी झंडी देने से भड़के रोडवेज कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। कई मार्गों पर निजी वाहनों को संचालित करने के राज्य सरकार के आदेश से रोडवेज कर्मी भड़क गए हैं। आदेश को वापस लेने की मांग की है। आदेश वापस नहीं लेने पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने चार जनवरी से रोडवेज के समस्त संगठनों के साथ सचिवालय का घेराव करने के साथ 16 जनवरी से कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। बाद में उन्होंने उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रंधक को ज्ञापन सौंपा।
सरकार ने 11 दिसंबर को अधिसूचना के तहत हल्द्वानी-रानीखेत, हल्द्वानी-नैनीताल, रानीखेत-भीमताल, टनकपुर-लोहाघाट, घाट-पिथौरागढ़ आदि मार्गों पर प्राइवेट वाहनों को संचालित करने का प्रस्ताव पारित किया है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखाध्यक्ष कैलाश चंद्र मुरारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने सरकार के इस आदेश को जन विरोधी बताया है। कहा गया कि एक ओर परिवहन निगम आर्थिक मंदी की दौर से गुजर रहा है, जिससे कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने सरकार से परिवहन निगम को बढ़ावा देकर जल्द ही इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर रोडवेज के समस्त संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने 11 दिसंबर को अधिसूचना के तहत हल्द्वानी-रानीखेत, हल्द्वानी-नैनीताल, रानीखेत-भीमताल, टनकपुर-लोहाघाट, घाट-पिथौरागढ़ आदि मार्गों पर प्राइवेट वाहनों को संचालित करने का प्रस्ताव पारित किया है। बुधवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखाध्यक्ष कैलाश चंद्र मुरारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने सरकार के इस आदेश को जन विरोधी बताया है। कहा गया कि एक ओर परिवहन निगम आर्थिक मंदी की दौर से गुजर रहा है, जिससे कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने सरकार से परिवहन निगम को बढ़ावा देकर जल्द ही इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर रोडवेज के समस्त संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन