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पूर्व सैनिकों को मिले उनका पूरा हक
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बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति की बैठक में पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीर नारियों की समस्याओं के निवारण पर विचार मंथन किया गया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा पेंशन संबंधी विसंगतियों के समाधान का रास्ता निकाला गया। बैठक में पूर्व सैनिकों ने उनको पूरा हक दिलाए जाने की मांग उठाई।
पूर्व सैनिक भूपाल भट्ट के आवास प्रांगण में गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद की अध्यक्षता और कै. हरीश कापड़ी के संचालन में हुई बैठक में पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीर नारियों की समस्याओं के निदान की योजनाएं तय की गईं। पूर्व सैनिकों ने उन्हें कैंटीन से मिलने वाली शराब का कोटा कम किए जाने पर खेद जताया। कहा गया कि पूर्व सैनिकों के कोटे की शराब कैंटीन प्रबंधन की ओर से लाइजिनिंग के तौर पर प्रशासन समेत अन्यत्र खर्च की जा रही है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि कैंटीन प्रबंधन की कमी के चलते क्षेत्र के करीब साढ़े आठ हजार पूर्व सैनिकों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। प्रतिमाह हजारों पूर्व सैनिक अपना हक लिए बिना ही वापस लौटते हैं।
उन्होंने कैंटीन प्रबंधन की ओर से पिछली बिक्री के आधार पर आने वाले माह को कोटा स्वीकृत किए जाने को गलत बताया। पूर्व सैनिकों ने सरकार की ओर से सीमाओं पर की जा रही कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने राजनीतिज्ञों से सेना पर किसी तरह की टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी। कहा कि भारतीय सेना चार दिन में अपने दुश्मन से लोहा मनवाने की क्षमता रखती है।
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कै. गोपाल कृष्ण भट्ट, कै. पीएम जोशी, सूबेदार बीबी पांडेय, पुष्कर कापड़ी आदि ने विचार व्यक्त किए। बैठक में कै. देवीदत्त पांडेय, केएन भट्ट, सूबेदार एमएस भंडारी, पीतांबर पांडेय, हवलदार जंगबहादुर थापा, विक्रम सिंह थापा, बिहारी लाल खत्री, सुरेश चंद्र राय, रमेश चंद समेत 86 पूर्व सैनिक और 4 वीर नारियां उपस्थित थीं।
कैटेगिरी सैनिकों की पेंशन में किया गया है इजाफा
बनबसा (चंपावत)। सोल्जर बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए कै. गोविंद बल्लभ भट्ट ने पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीर नारियों को पेंशन संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कैटेगिरी (ट्रेनिंग, आपरेशन या युद्ध आदि में हुए दिव्यांग जो सेना के लिए अयोग्य हो चुके) सैनिकों की पेंशन सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। बताया कि अब कैटेगिरी हो चुके सैनिकों को न्यूनतम नौ हजार और अधिकतम उन्नीस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन सुविधा दी जाएगी।
क्षेत्र की सुरक्षा में पूर्व सैनिकों की अहम भूमिका
बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद ने कहा कि वर्तमान में देश में हाई अलर्ट के चलते सामान्य नागरिकों की अपेक्षा पूर्व सैनिकों की जिम्मेदारी अधिक बनती है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से कहा कि भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा पर किसी तरह की संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का पता चलने पर पुलिस, खुफिया तंत्रों या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया जाए।
पुलिस के साथ पूर्व सैनिकों की बैठक आज
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिकों की एक आवश्यक बैठक सोमवार को बनबसा थाने में आयोजित की गई है। बैठक सुबह 9.30 बजे होगी। इसमें देश के वर्तमान हालात, सुरक्षा और सद्भावना बनाए रखने में पूर्व सैनिकों के सहयोग आदि पर विचार किया जाएगा।
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पूर्व सैनिक भूपाल भट्ट के आवास प्रांगण में गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद की अध्यक्षता और कै. हरीश कापड़ी के संचालन में हुई बैठक में पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीर नारियों की समस्याओं के निदान की योजनाएं तय की गईं। पूर्व सैनिकों ने उन्हें कैंटीन से मिलने वाली शराब का कोटा कम किए जाने पर खेद जताया। कहा गया कि पूर्व सैनिकों के कोटे की शराब कैंटीन प्रबंधन की ओर से लाइजिनिंग के तौर पर प्रशासन समेत अन्यत्र खर्च की जा रही है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि कैंटीन प्रबंधन की कमी के चलते क्षेत्र के करीब साढ़े आठ हजार पूर्व सैनिकों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। प्रतिमाह हजारों पूर्व सैनिक अपना हक लिए बिना ही वापस लौटते हैं।
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उन्होंने कैंटीन प्रबंधन की ओर से पिछली बिक्री के आधार पर आने वाले माह को कोटा स्वीकृत किए जाने को गलत बताया। पूर्व सैनिकों ने सरकार की ओर से सीमाओं पर की जा रही कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने राजनीतिज्ञों से सेना पर किसी तरह की टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी। कहा कि भारतीय सेना चार दिन में अपने दुश्मन से लोहा मनवाने की क्षमता रखती है।
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कै. गोपाल कृष्ण भट्ट, कै. पीएम जोशी, सूबेदार बीबी पांडेय, पुष्कर कापड़ी आदि ने विचार व्यक्त किए। बैठक में कै. देवीदत्त पांडेय, केएन भट्ट, सूबेदार एमएस भंडारी, पीतांबर पांडेय, हवलदार जंगबहादुर थापा, विक्रम सिंह थापा, बिहारी लाल खत्री, सुरेश चंद्र राय, रमेश चंद समेत 86 पूर्व सैनिक और 4 वीर नारियां उपस्थित थीं।
कैटेगिरी सैनिकों की पेंशन में किया गया है इजाफा
बनबसा (चंपावत)। सोल्जर बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए कै. गोविंद बल्लभ भट्ट ने पूर्व सैनिकों, आश्रितों और वीर नारियों को पेंशन संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कैटेगिरी (ट्रेनिंग, आपरेशन या युद्ध आदि में हुए दिव्यांग जो सेना के लिए अयोग्य हो चुके) सैनिकों की पेंशन सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। बताया कि अब कैटेगिरी हो चुके सैनिकों को न्यूनतम नौ हजार और अधिकतम उन्नीस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन सुविधा दी जाएगी।
क्षेत्र की सुरक्षा में पूर्व सैनिकों की अहम भूमिका
बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद ने कहा कि वर्तमान में देश में हाई अलर्ट के चलते सामान्य नागरिकों की अपेक्षा पूर्व सैनिकों की जिम्मेदारी अधिक बनती है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से कहा कि भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा पर किसी तरह की संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का पता चलने पर पुलिस, खुफिया तंत्रों या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया जाए।
पुलिस के साथ पूर्व सैनिकों की बैठक आज
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिकों की एक आवश्यक बैठक सोमवार को बनबसा थाने में आयोजित की गई है। बैठक सुबह 9.30 बजे होगी। इसमें देश के वर्तमान हालात, सुरक्षा और सद्भावना बनाए रखने में पूर्व सैनिकों के सहयोग आदि पर विचार किया जाएगा।