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Champawat News: चरस तस्करी में दोषी दो महिलाओं को 12-12 वर्ष का कठोर कारावास
Sat, 26 Oct 2024 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 26 Oct 2024 11:21 PM IST
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चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने चरस तस्करी में दो नेपाली महिलाओं को दोषी करार देते हुए 12-12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर दोनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोनों के पास से चार किलो से अधिक चरस बरामद हुई थी।
28 दिसंबर 2022 को शारदा बैराज चौकी पुलिस लामा पुल और श्मशान घाट मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान गोमा धर्ती (43) निवासी ग्राम बोठी बुंगा जिला धौर पटान नेपाल से दो किलो और कमला मगर (46) निवासी ग्राम लमाई, नगरपालिका तीन, जिला डांग, नेपाल के पास से 2.30 किलो चरस बरामद हुई।
दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों नेपाल से चरस लेकर जंगल के रास्ते भारत में प्रवेश कर गई थी। उनकी योजना भारत में चरस बेचने की थी।
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अभियोजन पक्ष ने छह गवाह और 25 साक्ष्य देकर आरोप सिद्ध किया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोनों अभियुक्त गिरफ्तारी के दिन से जेल में बंद हैं। जेल में बिताई अवधि की सजा में समायोजित होगी।
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28 दिसंबर 2022 को शारदा बैराज चौकी पुलिस लामा पुल और श्मशान घाट मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान गोमा धर्ती (43) निवासी ग्राम बोठी बुंगा जिला धौर पटान नेपाल से दो किलो और कमला मगर (46) निवासी ग्राम लमाई, नगरपालिका तीन, जिला डांग, नेपाल के पास से 2.30 किलो चरस बरामद हुई।
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दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों नेपाल से चरस लेकर जंगल के रास्ते भारत में प्रवेश कर गई थी। उनकी योजना भारत में चरस बेचने की थी।
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अभियोजन पक्ष ने छह गवाह और 25 साक्ष्य देकर आरोप सिद्ध किया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोनों अभियुक्त गिरफ्तारी के दिन से जेल में बंद हैं। जेल में बिताई अवधि की सजा में समायोजित होगी।