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पहली बार गाड़ियों का काफिला देख छलके खुशी के आंसू
ब्यूरो/अमर उजाला, आदिबदरी
Updated Thu, 09 Jun 2016 08:58 PM IST
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पहली बार आदिबदरी तहसील के अंतर्गत सुगड बैंड से सिलपाटा के अंतिम पड़ाव घटों गदेेरा तक बनी नवनिर्मित सड़क पर पहली बार वाहन देख खुशी में बुजुर्गों की आंखेें भी छलक पड़ी। प्यूंरा, पज्याणा, सिलपाटा और लगंटाईं की महिलाओं ने चांछड़ी नृत्य किया, तो पुरुषों ने ढोल दमाऊं की थाप पर ठुमके लगाकर खुशी का इजहार किया।
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बृहस्पतिवार को प्यूंरा पज्यांणा सिलपाटा लंगटांईं के ग्रामीणों ने सड़क पहुंचने पर उल्लास समारोह का आयोजन किया। गांव में पहली बार वाहनों का काफिला पहुंचा। पज्याणां के प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित समारोह में सुबह से ही ग्रामीण ढोल दमाऊं और बैनरों के साथ पहुंचे। मुख्य अतिथि डिप्टी स्पीकर डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता दूरस्थ क्षेत्र के गांवों को सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की है।
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प्यूंरा के आनंद सिंह नेगी ने पंडवाणीं शैली में गीत गाकर विधायक का आभार जताया। डोल्टू और छिमटा के ग्रामीणों ने डा. मैखुरी को गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए ज्ञापन दिया। वही प्यूंरा के प्रधान सुरेशी देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य चैत सिंह ने गांव की पेयजल योजना के पुनर्गठन और सिलपाटा के प्रधान संतराम ज्ञान सिंह नेगी व विनोद सती ने सिलपाटा में स्टेट बैंक की शाखा खोलने की मांग की।
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इस मौके पर खीम सिंह नेगी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरि सिंह रावत, जीएमवीएन के निदेशक सुरेश बिष्ट, गैरसैंण की प्रमुख सुमति बिष्ट, बृजलाल शाह, लक्ष्मण पटवाल, कलम कोहली आदि मौजूद थे।
बोले बुजुर्ग, खुशियों का उजाला लाई सड़क
पज्याणां के 95 वर्षीय बुजुर्ग खुशी से अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके लिए भारत आज स्वतंत्र हुआ है। लंगटाईं की 85 वर्षीय माबुली देवी ने कहा वे अंधकार में थे और सड़क उनके लिए विकास और खुशियों का उजाला लेकर आई है। पज्याणां के नत्था सिंह और 85 वर्षीय बुजुर्ग जमन सिंह का भी यही कहना था।