उत्तराखंड विधानसभा सत्र: आज भराड़ीसैंण के सियासी अखाड़े में उतरेगी धामी सरकार, विपक्ष ने भी रचा चक्रव्यूह
गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी सियासी टक्कर के आसार हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी की है, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संभावित बड़े एलान को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
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चमोली जिले के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण की ठंडी हवाओं के बीच मंगलवार से सरकार सियासी अखाड़े में उतरेगी। विपक्ष ने जहां सदन से सड़क तक घेरने का चक्रव्यूह तैयार किया है, वहीं सरकार भी वज्र रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। इस सरकार का आखिरी कार्यकाल होने के नाते सीएम पुष्कर सिंह धामी इस अखाड़े में बड़ी घोषणा कर ढाई दांव (सबसे मशहूर दांव) भी चल सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अगले कदम की है। ताबड़तोड़ और कड़े फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले सीएम धामी इस सत्र के दौरान कोई बड़ा मास्टर स्ट्रोक या चौंकाने वाला एलान कर सकते हैं। युवाओं, महिलाओं और प्रदेश के मूल निवासियों को साधने के लिए सरकार की ओर से कुछ ऐसा दांव फेंका जा सकता है, जो विपक्ष के तरकश के तीरों को बीच में ही काट दे।
विपक्ष का सदन से सड़क तक घेराव का चक्रव्यूह
विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति के पन्ने पूरी तरह खोल दिए हैं। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने एलान किया है कि वे सरकार को सिर्फ सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि सड़क से लेकर विधानसभा भवन के बाहर तक घेरेंगे। विधायकों की ओर से आए सैकड़ों तीखे सवाल बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और स्थानीय मुद्दों पर सरकार की नींद उड़ाने के लिए तैयार हैं।विधानसभा के बाहर प्रदर्शन और हुंकार भरने की पुरजोर तैयारियां चल रही हैं।
सरकार की वज्र रणनीति
विपक्ष के हमलों से निपटने के लिए धामी सरकार ने भी अचूक वज्र रणनीति तैयार की है। मंत्रियों और सत्ता पक्ष के विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विपक्ष के हर बेबुनियाद आरोप का जवाब आंकड़ों और तथ्यों के साथ दिया जाए। सरकार का मुख्य एजेंडा यह साबित करना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने विकास के नए आयाम गढ़े हैं और जनता के हर वादे को धरातल पर उतारा गया है।
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छोटे सत्र के राजनीतिक परिणाम होंगे दूरगामी
दो दिन के इस छोटे सत्र के राजनीतिक परिणाम दूरगामी होंगे। चूंकि इसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, लिहाजा यहां से निकलने वाला संदेश चुनावी तैयारियों को पुख्ता करेगा। जनता के बीच पहुंचने से पहले विपक्ष जहां वार करेगा तो वहीं सरकार भी जमकर पलटवार करेगी।