भराड़ीसैंण: सियासी माहौल तो गरमाया पर मुद्दों को नहीं मिली धार, कुल आठ घंटे चार मिनट चली सदन की कार्यवाही
चुनावी वर्ष में वर्तमान सरकार के कार्यकाल का अंतिम सत्र भराड़ीसैंण में हुआ। दो दिन के सत्र में विपक्ष ने भी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई थी। पहला दिन दिवंगत विधायकों के शोक संवेदना में बीत गया। दूसरे दिन सदन में प्रश्नकाल भी विपक्ष के हंगामे से चल नहीं पाया।
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ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण की वादियों में दिन के समय चटक धूप और शाम को कड़ाके की ठंड में सियासी माहौल तो गरमाया लेकिन जन मुद्दों को धार नहीं मिल पाई। विपक्ष सदन में सरकार को घेरने के लिए बेकार दिखा। हंगामे से विपक्ष को तरकश में सजे मुद्दों के बाण चलाने का मौका नहीं मिला। दो दिन का सत्र डेढ़ दिन ही चल पाया है। सदन की कार्यवाही कुल आठ घंटे चार मिनट चली।
चुनावी वर्ष में वर्तमान सरकार के कार्यकाल का अंतिम सत्र भराड़ीसैंण में हुआ। दो दिन के सत्र में विपक्ष ने भी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई थी। पहला दिन दिवंगत विधायकों के शोक संवेदना में बीत गया। दूसरे दिन सदन में प्रश्नकाल भी विपक्ष के हंगामे से चल नहीं पाया। यह पहला मौका है जब सदन में जन मुद्दों की गूंज नहीं सुनाई दी।
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विपक्ष भी सरकार को घेरने के लिए बेकरार दिखा लेकिन भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हंगामे करने से मौका नहीं मिला। विपक्ष का सहयोग न मिलने से सरकार ने शोर शराबे के बीच विधायी कार्य पूरा किया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि दो दिवसीय सत्र में अनूपूरक बजट पारित करने के साथ ही नौ विधेयक व दो अध्यादेश पारित किए गए। सत्र के पहले दिन सत्र की कार्यवाही छह घंटे 58 मिनट चली। जबकि दूसरे दिन एक घंटे छह मिनट सदन चला। डेढ़ दिन में कुल आठ घंटे चार मिनट सदन चला।