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दो हजार की आबादी पानी के लिए तरसी
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Sat, 20 Feb 2016 09:02 PM IST
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बदरीनाथ और मलारी हाईवे का विस्तारीकरण ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मलारी हाईवे पर जहां विस्फोट से ग्रामीण सहमे हैं, वहीं बदरीनाथ हाईवे के विस्तारीकरण से अगथला, गढ़ी और सेमलडाला क्षेत्रों के लिए सप्लाई हो रही पेयजल लाइन एक सप्ताह से जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है। ऐसे में क्षेत्र के करीब दो हजार लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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सात फरवरी को बीआरओ की ओर से बदरीनाथ हाईवे के विस्तारीकरण के दौरान कम्यार गांव से आ रहे पेयजल लाइन के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए थे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिबोधनी खत्री का कहना है कि जल संस्थान प्रभावित क्षेत्र में टैंकर से पेयजल आपूर्ति कर रहा है, लेकिन आबादी अधिक होने से लोगों को प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइन शीघ्र सुचारु नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
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बीआरओ के कमान अधिकारी रूप ज्योति दास ने बताया कि एक वर्ष पूर्व जल संस्थान को पेयजल लाइन शिफ्ट करने के लिए धनराशि दे दी गई थी। इसके बावजूद लाइन शिफ्ट नहीं की गई, जिससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी जोशी का कहना है कि चारधाम यात्रा के चलते पेयजल लाइन शिफ्ट नहीं की जा सकी। पेयजल लाइन के पाइपों को जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
दो दिनों से आवाजाही ठप
मलारी हाईवे के चौड़ीकरण कार्य से हाईवे पर आए बोल्डरों से दो दिनों से आवाजाही ठप पड़ी है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ ही सेना के जवानों को मीलों दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।